भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। भोपाल GRP में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक बबीता कठेरिया को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर आरोप था कि TI का पद हासिल करने के लिए उन्होंने साथी अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग लोगों के नाम से फर्जी शिकायतें भेजीं। विभागीय जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित होने के बाद स्पेशल DG रेलवे राजाबाबू सिंह ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।
मामले में इटारसी GRP थाना प्रभारी संजय चौकसे और भोपाल GRP थाना प्रभारी जहीर खान के खिलाफ शिकायतें भेजने की बात सामने आई थी। विभागीय जांच के अनुसार, इन शिकायतों के जरिए दोनों अधिकारियों को पद से हटवाने और उनकी जगह खुद की नियुक्ति कराने का प्रयास किया गया था।
अलग-अलग नामों से भेजी गई थीं शिकायतें
विभागीय जांच में सामने आया कि बबीता कठेरिया ने इटारसी GRP थाना प्रभारी संजय चौकसे के खिलाफ दो शिकायतें भेजी थीं। पहली शिकायत 26 अगस्त 2025 को पवन कुमार गुप्ता के नाम से और दूसरी 6 सितंबर 2025 को श्यामलाल मीणा के नाम से भेजी गई थी।
इसी तरह भोपाल GRP थाना प्रभारी जहीर खान के खिलाफ 28 अगस्त 2025 को रामलाल सिंह के नाम से शिकायत भेजने का मामला सामने आया। बताया गया कि ये शिकायतें भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक स्थित डाकघर से भेजी गई थीं।
एक जैसी लिखावट से खुला मामला
जांच के दौरान अलग-अलग नामों से भेजी गई शिकायतों की लिखावट एक जैसी पाई गई। इसके बाद शिकायतकर्ताओं के नाम और पते के कथित गलत इस्तेमाल की जांच की गई।
विभागीय जांच में शिकायतों के पीछे बबीता कठेरिया की भूमिका प्रमाणित होने की बात सामने आई। विभाग ने इसे वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने और पुलिस विभाग की अनुशासन व्यवस्था के विरुद्ध गंभीर कदाचार माना।
पुलिस रेगुलेशन पैरा 64 के उल्लंघन का मामला
बबीता कठेरिया के खिलाफ विभागीय कार्रवाई में पुलिस रेगुलेशन पैरा 64 के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया। जांच में उनके खिलाफ लगाए गए तीनों आरोप सही पाए गए।
विभागीय आदेश के अनुसार, उन्हें पहले भी कई बार विभागीय दंड मिल चुका था। इसके बावजूद उनके आचरण में सुधार नहीं होने की बात सामने आई। इसी आधार पर विभाग ने सेवा से बर्खास्तगी का फैसला लिया।
स्पेशल DG राजाबाबू सिंह ने जारी किया आदेश
स्पेशल DG रेलवे राजाबाबू सिंह ने गुरुवार को बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। उन्होंने पुलिस विभाग में अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अनुशासनहीन कर्मचारी को सेवा में बनाए रखने से पूरे पुलिस बल पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में फर्जी शिकायतों और विभागीय अनुशासन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
क्या था पूरा मामला?
इस प्रकरण में आरोप था कि बबीता कठेरिया ने अपने साथी अधिकारियों के खिलाफ दूसरे लोगों की पहचान का इस्तेमाल करके शिकायतें भेजीं। शिकायतों के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई कराने का प्रयास किया गया।
विभागीय जांच में शिकायतों की लिखावट और अन्य तथ्यों के आधार पर उनकी भूमिका सामने आने की बात कही गई। जांच के निष्कर्षों के बाद विभाग ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया।
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को आंतरिक अनुशासन और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़े मामले के रूप में देखा जा रहा है।
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