दतिया। क्या कोई औलाद इतनी निर्दयी हो सकती है कि अपने ही पिता की जान ले ले? दतिया जिले में एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बड़ौनी थाना क्षेत्र में 11 महीने से पहेली बने 'अंधे कत्ल' का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। इस हत्याकांड में कोई बाहरी नहीं, बल्कि सगा बेटा और ताऊ ही हत्यारे निकले।
11 महीने से दफन था राज
मामला बड़ौनी थाना क्षेत्र के उदयभान सिंह बुंदेला की मौत से जुड़ा है। करीब 11 महीने पहले उदयभान सिंह रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे। परिजनों ने पुलिस में शिकायत तो दर्ज कराई, लेकिन लाश का कहीं अता-पता नहीं था। पुलिस के लिए यह एक 'अंधा कत्ल' (Blind Murder) बन चुका था। लेकिन कहते हैं न कि 'पाप कितना भी छुपा लो, एक न एक दिन बाहर आ ही जाता है।' पुलिस ने अपनी बारीक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के दम पर इस केस की परतें उधेड़नी शुरू कीं, तो जो सच सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए।
बेटे ने ही कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट
दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक के बेटे नितिन बुंदेला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुंदेला ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस की पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद चौंकाने वाली हैं। कलयुगी बेटे नितिन ने बेरहमी से अपने पिता की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने के लिए उसने अपने ताऊ कल्ली के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाया।
सबूतों के दम पर पुलिस की बड़ी सफलता
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को इतनी सफाई से छुपाया था कि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक-एक करके सारे सबूत जुटा लिए। पुलिस ने न केवल हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद की है, बल्कि घटनास्थल से मृतक की हड्डियां, खाट, खून लगे कपड़े और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान एएसपी मंजीत सिंह चावला, बड़ौनी एसडीओपी विनायक शुक्ला और थाना प्रभारी दिनेश राजपूत की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें अब सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
रिश्तों का कत्ल
यह मामला समाज के लिए एक बड़ा आईना है। जिस पिता ने बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी पिता का कातिल उसका बेटा बन गया। फिलहाल, पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि बेटे ने अपने ही पिता को रास्ते से हटाने का इतना खौफनाक फैसला लिया।
दतिया पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई कर ले, अंत में पकड़ा ही जाता है।
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