सांची। रक्षाबंधन के आध्यात्मिक संदेश और नशामुक्त समाज की दिशा में सांची में दो विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। ब्रह्माकुमारी आश्रम में राजयोग ध्यान और ईश्वरीय रक्षा सूत्र कार्यक्रम हुआ। इसमें मीडिया और पत्रकार बंधुओं का सम्मान किया गया। इसके साथ ही उतकर्ष नशा मुक्ति केंद्र में भी विशेष आयोजन कर लोगों को नशे से दूर रहने और सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।
दोनों आयोजनों में आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और बुराइयों से दूर रहने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राजयोग ध्यान के माध्यम से शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
ब्रह्माकुमारी आश्रम में पत्रकारों का सम्मान
सांची स्थित ब्रह्माकुमारी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में मीडिया और पत्रकार बंधुओं को सम्मानित किया गया। इसके बाद सभी को ईश्वरीय रक्षा सूत्र बांधा गया।
ब्रह्माकुमारी सांची सेंटर की प्रभारी ब्रह्माकुमारी भारती जी ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ईश्वरीय रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं है। यह परमपिता परमात्मा की याद और जीवन को बुराइयों तथा दुर्गुणों से दूर रखने के संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने उपस्थित लोगों को अपने जीवन में सकारात्मक विचारों और श्रेष्ठ गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
राजयोग ध्यान से शांति और सकारात्मकता का अनुभव
कार्यक्रम के दौरान राजयोग ध्यान कराया गया। उपस्थित भाई-बहनों ने ध्यान के माध्यम से आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
ब्रह्माकुमारी भारती जी ने बताया कि राजयोग ध्यान व्यक्ति को आत्मचिंतन और परमात्मा की स्मृति से जोड़ने का माध्यम है। परमात्मा की याद से जीवन में श्रेष्ठ विचार और गुण विकसित करने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शांत वातावरण में ध्यान किया और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
ईश्वरीय रक्षा सूत्र का बताया महत्व
रक्षाबंधन को लेकर ब्रह्माकुमारी आश्रम में आध्यात्मिक दृष्टिकोण से संदेश दिया गया। ईश्वरीय रक्षा सूत्र बांधते हुए लोगों को जीवन में गलत आदतों से दूरी बनाने और अच्छे संस्कारों को अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर पत्रकारों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में मीडिया की भूमिका और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी को लेकर भी भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला।
कार्यक्रम का मंच संचालन ब्रह्माकुमार राम भाई जी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया और उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक संदेश से जोड़ा।
उतकर्ष नशा मुक्ति केंद्र में भी हुआ विशेष आयोजन
इसी क्रम में सांची स्थित उतकर्ष नशा मुक्ति केंद्र में भी नशामुक्ति अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्र में मौजूद भाइयों और स्टाफ सदस्यों को ईश्वरीय रक्षा सूत्र बांधा गया।
कार्यक्रम में नशे से दूर रहने और व्यसनमुक्त जीवन अपनाने के उपायों पर चर्चा की गई। उपस्थित लोगों को अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाने और नशे की आदत से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नशामुक्ति की दिशा में आत्मबल और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा।
राजयोग के जरिए दिया व्यसनमुक्त जीवन का संदेश
उतकर्ष नशा मुक्ति केंद्र में श्रीमती किरण बालाजी ने राजयोग ध्यान कराया। उन्होंने उपस्थित लोगों को आत्मा और परमात्मा के मिलन का अनुभव कराया तथा सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने नशे से दूरी बनाए रखने और व्यसनमुक्त जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास तथा दृढ़ संकल्प को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ध्यान में भाग लिया और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
नशामुक्ति के लिए आत्मबल पर जोर
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि नशे की आदत से बाहर निकलने के लिए उपचार और अनुशासन के साथ मानसिक मजबूती भी जरूरी है। सकारात्मक वातावरण व्यक्ति को अपनी आदतों में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है।
ब्रह्माकुमारी आश्रम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आध्यात्मिक चिंतन और राजयोग ध्यान के माध्यम से इसी सकारात्मक सोच को बढ़ावा दिया गया।
नशा मुक्ति केंद्र में मौजूद लोगों को भी अपने जीवन को स्वस्थ और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
उपसंचालिका ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में उतकर्ष नशा मुक्ति केंद्र की उपसंचालिका केसर जहां मैडम ने ब्रह्माकुमारी आश्रम से आए सभी भाई-बहनों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन और नशामुक्ति के संदेश को केंद्र तक पहुंचाने के लिए ब्रह्माकुमारी आश्रम की टीम को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी आध्यात्मिक गतिविधि और नशामुक्ति संदेश की सराहना की।
सांची में सकारात्मक संदेश के साथ हुआ आयोजन
ब्रह्माकुमारी आश्रम और उतकर्ष नशा मुक्ति केंद्र में आयोजित दोनों कार्यक्रमों का मुख्य संदेश सकारात्मक जीवन, आत्मिक शांति और नशे से दूरी रहा। एक ओर पत्रकारों को ईश्वरीय रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व से जोड़ा गया, वहीं दूसरी ओर नशामुक्ति केंद्र में मौजूद लोगों को व्यसन छोड़कर सकारात्मक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्ति अपने जीवन में बेहतर बदलाव की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
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