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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खोला रोजगार का पिटारा, युवाओं के लिए खुलेंगे सुनहरे रास्ते

07-08-2026  Vijay Sharma  18 views
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खोला रोजगार का पिटारा, युवाओं के लिए खुलेंगे सुनहरे रास्ते

मध्य प्रदेश में पर्यटन और रोजगार की दिशा में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और टाटा स्ट्राइव के बीच एक ऐतिहासिक एमओयू (समझौता) पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह कोई सामान्य सरकारी समझौता नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं और ग्रामीण होम-स्टे संचालकों की किस्मत बदलने वाला कदम है। आने वाले दो वर्षों तक यह पार्टनरशिप राज्य में पर्यटन के नए आयाम स्थापित करेगी।

रोजगार की नई उम्मीद

साधारण शब्दों में कहें तो अब मध्य प्रदेश के युवाओं को काम ढूंढने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे चलाने वालों की कमाई बढ़ाना और स्थानीय युवाओं को पर्यटन और आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) क्षेत्र में कुशल बनाना है। टाटा स्ट्राइव जैसे प्रतिष्ठित नाम के जुड़ने से अब प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे वे न केवल प्रदेश में बल्कि देश के किसी भी कोने में गर्व से काम कर सकेंगे।

क्या है इस समझौते की खासियत?

इस साझेदारी से पर्यटन निगम के होटलों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के होटलों को भी स्किल्ड मैनपावर मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का खर्च राज्य सरकार पर नहीं आएगा। सारा खर्च टाटा स्ट्राइव वहन करेगा। एमपी टूरिज्म बोर्ड केवल जगह और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यानी, सरकारी खजाने पर कोई बोझ नहीं और युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर।

किसे मिलेगा फायदा?

इस प्रोग्राम के पहले चरण में 1,000 लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें कौन शामिल होगा?

ग्रामीण होम-स्टे संचालक।

पर्यटन क्षेत्र में रुचि रखने वाले स्थानीय युवा।

होटल और रिसॉर्ट स्टॉफ।

ट्रेनिंग में क्या-क्या सीखेंगे युवा?

यह ट्रेनिंग सिर्फ किताबी नहीं होगी, बल्कि पूरी तरह से प्रैक्टिकल होगी। इसमें निम्नलिखित विषयों पर फोकस किया जाएगा:

डिजिटल बुकिंग और ओटीए: आज का दौर ऑनलाइन का है। युवाओं को सिखाया जाएगा कि कैसे होम-स्टे को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रजिस्टर करें और बुकिंग बढ़ाएं।

आतिथ्य सत्कार (Hospitality): फ्रंट ऑफिस कैसे संभालें, मेहमानों का स्वागत कैसे करें।

हाउसबकीपिंग: स्वच्छता और कमरे के प्रबंधन के गुर।

स्थानीय व्यंजन और फूड: कैसे अपने स्थानीय खाने को पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बनाएं।

गाइडिंग और सुरक्षा: पर्यटकों को सुरक्षित और सुखद अनुभव कैसे दें।

राजस्व प्रबंधन: मुनाफे को कैसे बढ़ाएं और वित्तीय प्रबंधन कैसे करें।

आने वाले चरणों में एमपी स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कार्पोरेशन के होटलों के स्टॉफ के लिए रिफ्रेशर कोर्स भी चलाए जाएंगे।

टाटा का नाम, पक्की पहचान

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवाओं को टाटा स्ट्राइव और एमपी टूरिज्म बोर्ड की ओर से संयुक्त प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) मिलेगा। टाटा का नाम अपने आप में एक ब्रांड है। यह सर्टिफिकेट युवाओं के करियर में चार चांद लगा देगा। किसी भी होटल या पर्यटन कंपनी में जब कोई युवा टाटा का यह प्रमाण-पत्र दिखाएगा, तो उसे नौकरी मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।

पर्यटन इको सिस्टम होगा मजबूत

मध्य प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। जब गांव-गांव में लोग होम-स्टे चलाना सीखेंगे, डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करेंगे और पर्यटकों को बेहतर सेवा देंगे, तो गांवों में आर्थिक समृद्धि आएगी। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और खान-पान को भी वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।

प्रक्रिया की पारदर्शिता

इस समझौते पर पर्यटन बोर्ड की ओर से डायरेक्टर (कौशल) डी.पी. सिंह और टाटा स्ट्राइव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमेया वंजारी ने हस्ताक्षर किए। सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी की मौजूदगी में यह तय हुआ कि दो साल की इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यह साझेदारी पारदर्शी है और इसका सीधा लाभ उन लोगों को मिलेगा, जो पर्यटन क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।

युवाओं के लिए संदेश

पर्यटन सिर्फ घूमना नहीं है, यह एक बहुत बड़ा उद्योग है। जो युवा इस क्षेत्र में अपना भविष्य देख रहे हैं, उनके लिए यह स्वर्णिम अवसर है। अपने कौशल को निखारने का मौका अब सीधे आपके दरवाजे पर आ गया है। विदिशा और आसपास के जिलों के युवाओं को भी चाहिए कि वे इस तरह के सरकारी और कॉर्पोरेट पार्टनरशिप कार्यक्रमों पर नज़र रखें। यह कौशल ही आपको भीड़ से अलग खड़ा करेगा।

मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल वाकई काबिल-ए-तारीफ है। अब देखना यह है कि जमीनी स्तर पर यह ट्रेनिंग कितनी तेजी से शुरू होती है और कितने युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलता है। अगर आप भी आतिथ्य और पर्यटन में करियर बनाना चाहते हैं, तो तैयार हो जाइये, क्योंकि आने वाला समय मध्य प्रदेश के पर्यटन उद्योग का है।


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