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मध्यप्रदेश में राजस्व बढ़ाने पर जोर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागों को दिए

25-09-2026  Editor Shubham Jain  22 views
मध्यप्रदेश में राजस्व बढ़ाने पर जोर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागों को दिए

भोपाल। मध्यप्रदेश में विकास कार्यों के लिए राजस्व आय बढ़ाने की दिशा में सरकार ने विभागों के प्रयासों की समीक्षा तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व प्राप्ति की समीक्षा की और वित्त वर्ष के अंत तक निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास में राजस्व अर्जित करने वाले विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभागों द्वारा राजस्व बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों, नवाचारों और अब तक हासिल उपलब्धियों की जानकारी ली। साथ ही राजस्व संग्रहण को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए।

विभागवार राजस्व आय की समीक्षा

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा वित्त वर्ष के दौरान अर्जित राजस्व की जानकारी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने अलग-अलग मदों में हुई आय की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों से निर्धारित वार्षिक लक्ष्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष समाप्त होने तक निर्धारित राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग लगातार सक्रियता से काम करें। बैठक में बताया गया कि कई विभाग अपने वार्षिक राजस्व लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

इन क्षेत्रों में राजस्व संग्रहण पर विशेष फोकस

बैठक में बताया गया कि वाणिज्य कर, खनिज, आबकारी, परिवहन, वन और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में मध्यप्रदेश का कर संग्रहण महत्वपूर्ण स्तर पर है। इन विभागों ने वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में निर्धारित वार्षिक लक्ष्य की दिशा में कई प्रयास किए हैं।

सरकार की ओर से विभागों को राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को लगातार बेहतर बनाने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और वित्त वर्ष के अंत तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया।

आयकर रिटर्न फाइलिंग में प्रदेश की स्थिति में बदलाव

बैठक में आयकर रिटर्न फाइलिंग से जुड़ी स्थिति की भी जानकारी दी गई। प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश पहले देश में 14वें स्थान पर था, जबकि अब प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

यह आंकड़ा बैठक में प्रस्तुत विभागीय जानकारी के आधार पर बताया गया। इससे प्रदेश में आयकर रिटर्न फाइलिंग से जुड़ी गतिविधियों में हुई प्रगति को रेखांकित किया गया।

विकास और राजस्व का सीधा संबंध

राजस्व संग्रहण को राज्य के विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विभिन्न विभागों से मिलने वाली आय के जरिए सरकार विकास, जनकल्याण और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए संसाधन जुटाती है। इसी वजह से मुख्यमंत्री ने राजस्व अर्जित करने वाले विभागों को निर्धारित लक्ष्यों पर लगातार काम करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वित्त वर्ष के अंत तक लक्ष्य पूरा करने पर जोर

बैठक का मुख्य फोकस विभागों की राजस्व प्राप्ति की वर्तमान स्थिति, आय बढ़ाने के प्रयास और वित्त वर्ष के अंत तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने पर रहा। मुख्यमंत्री ने विभागों को राजस्व वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों को जारी रखने तथा लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।


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