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रायसेन: आशीष वेयरहाउस पर 'धर्मकांटे' का अधर्म!

28-04-2026  Waseem Qureshi  69 kali dilihat

ImgResizer_IMG-20260428-WA0065रायसेन (मध्य प्रदेश): किसानों के पसीने की कमाई पर जब डाका डलने की खबर आई, तो सड़कों पर आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। मामला ग्राम पगनेश्वर स्थित आशीष वेयरहाउस का है, जहाँ गेहूं की तुलाई में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए किसानों ने मंगलवार सुबह रायसेन-विदिशा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।

सुबह 11:15 बजे थमीं सड़कें, लगा लंबा जाम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशीष वेयरहाउस पर सुबह से ही किसान अपनी उपज लेकर कतारों में खड़े थे। जैसे ही तुलाई शुरू हुई, किसानों को शक हुआ कि धर्मकांटा वजन कम दिखा रहा है। जब किसानों ने अपनी तसल्ली के लिए जांच की, तो कांटे में भारी अंतर पाया गया। धोखाधड़ी का अहसास होते ही किसानों का सब्र टूट गया।

सुबह करीब 11:15 बजे आक्रोशित किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहन बीच सड़क पर खड़े कर दिए। देखते ही देखते रायसेन-विदिशा मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तपती धूप में किसानों के इस उग्र प्रदर्शन ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए।

पुलिस की मुस्तैदी और अधिकारियों की दबिश

जाम की सूचना मिलते ही सांची थाना प्रभारी अपने दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने पहले तो किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मेहनत की एक-एक पाई का हिसाब चाहते थे। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और आश्वासन के बाद जाम खोला जा सका।

हंगामे की खबर मिलते ही रायसेन से वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँचे। किसानों ने शिकायत की कि यह पहली बार नहीं है, आशीष वेयरहाउस पर कांटा मारने की शिकायतें पहले भी मिल चुकी हैं। मौके की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से विवादित धर्मकांटे को सील कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

शाखा प्रबंधक का अजीबोगरीब तर्क: “जल्दी के चक्कर में किसान भ्रमित”

एक तरफ जहाँ प्रशासन ने कांटे को संदिग्ध मानकर सील किया है, वहीं दूसरी ओर सांची शाखा प्रबंधक नरेश राजपूत का बयान कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। उन्होंने तुलाई केंद्र की किसी भी गड़बड़ी से साफ इनकार किया है। राजपूत का कहना है कि:

“तुलाई केंद्र में कोई गड़बड़ी नहीं है। दरअसल, किसान जल्दी तुलाई करवाने के चक्कर में खुद परेशान हो रहे हैं और हड़बड़ी की वजह से उन्हें तोल में गड़बड़ी महसूस हो रही है।”

प्रबंधक का यह बयान किसानों के जले पर नमक छिड़कने जैसा काम कर रहा है। किसानों का सवाल है कि अगर सब कुछ सही था, तो अधिकारियों ने कांटे को सील क्यों किया?

अन्नदाता की मेहनत पर कब तक लगेगा 'कांटा'?

रायसेन जिले के किसानों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी वेयरहाउस प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और पारदर्शी तुलाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। फिलहाल प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा दिया है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


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