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फर्जी पत्र वायरल करने का मामला,भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

05-08-2026  Editor Shubham Jain  8 views
फर्जी पत्र वायरल करने का मामला,भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर भाजपा जिलाध्यक्ष के कथित निष्कासन का फर्जी पत्र वायरल कर चुनावी माहौल प्रभावित करने की कोशिश का मामला सामने आया है। जांच के बाद भोपाल क्राइम ब्रांच ने भाजपा से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि वायरल किया गया पत्र पूरी तरह फर्जी था और इसे कार्यकर्ताओं तथा मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दतिया जिला मीडिया प्रभारी शादाब, नगर उपाध्यक्ष शाहरूख और कार्यकर्ता क्रिश रावत शामिल हैं। तीनों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष के नाम से तैयार किया गया फर्जी पत्र

जांच में सामने आया कि वायरल दस्तावेज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम और कथित हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर तैयार किया गया था। पत्र में दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और पार्टी से निष्कासित करने का उल्लेख किया गया था।

पुलिस के अनुसार दस्तावेज में न तो कोई आधिकारिक पत्र क्रमांक था और न ही जारी होने की तिथि दर्ज थी। प्रारंभिक जांच में इसी आधार पर पत्र की प्रामाणिकता संदिग्ध पाई गई।

मतदान के दिन सोशल मीडिया पर किया गया वायरल

जांच एजेंसियों के मुताबिक मतदान के दिन फर्जी पत्र को बड़ी संख्या में व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया। पुलिस का मानना है कि इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान संगठन के भीतर भ्रम फैलाना और मतदाताओं को प्रभावित करना था।

डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने बताया कि शाहरूख को उसके कार्यालय से और शादाब को ठंडी सड़क क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की होगी फोरेंसिक जांच

क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे वायरल करने की साजिश में अन्य लोगों की भी भूमिका थी या नहीं। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर नए तथ्य सामने आने पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुईं पुरानी तस्वीरें

मामले के सामने आने के बाद गिरफ्तार आरोपी क्रिश रावत की पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के साथ पुरानी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। फिलहाल पुलिस ने इन तस्वीरों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। जांच एजेंसियां अपना फोकस फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे प्रसारित करने की साजिश पर केंद्रित किए हुए हैं।

दतिया उपचुनाव के बीच सामने आया यह मामला चुनावी प्रक्रिया में सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेजों के प्रसार और डिजिटल माध्यमों से भ्रम फैलाने जैसे गंभीर मुद्दों को फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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