वीवीआईपी विजिट का कमाल: एक साल से अंधेरे में डूबी सांची की सड़कें चमकीं, मेहमानों के आने से पहले जागा प्रशासन
वसीम कुरैशी रायसेन मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन शहर सांची इन दिनों खासी चर्चा में है। विदेशी मेहमानों के आगमन की खबर मिलते ही नगर की तस्वीर रातों-रात बदल गई है। बीते पूरे एक साल से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें अचानक जगमगा उठी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय से पसरा अंधेरा पूरी तरह छंट गया है। इस अचानक हुए बदलाव को देखकर स्थानीय नागरिक हैरान हैं। लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि क्या विकास केवल खास लोगों के लिए होता है।
सांची नगर के लोग लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहे हैं। पर्यटन विकास निगम और स्थानीय प्रशासन के सौतेले रवैये के कारण नगरवासी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर थे। बीते एक साल से राष्ट्रीय राजमार्ग की स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद थीं। जब भी नागरिकों ने इस संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों से सवाल किए, तब उन्हें केवल झूठे बहाने मिले। अधिकारी हमेशा तकनीकी खराबी का रोना रोते थे। नगर परिषद अध्यक्ष ने भी इस समस्या के समाधान के लिए कई बार पहल की। अध्यक्ष के तमाम प्रयासों के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। परिणाम हमेशा शून्य रहा। आम जनता की परेशानी किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को दिखाई नहीं दी।
आगामी 8 अगस्त को विदेशी मेहमानों का सांची का दौरा तय हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल विजिट को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। नगर में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। वर्षों से उपेक्षित पड़े रास्तों और सड़कों को रातों-रात चकाचक किया जा रहा है। स्तूप रोड को पूरी तरह साफ और सुंदर बनाया जा रहा है। प्रशासनिक अमले ने स्तूप गेट से लेकर रेलवे स्टेशन तक सड़क के दोनों किनारों पर विशेष अभियान चलाया है। सड़क किनारे लगी छोटी और बड़ी दुकानों को नगर प्रशासन ने तुरंत हटवा दिया है। पूरे मार्ग पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि विदेशी मेहमानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अचानक हुई इन प्रशासनिक कार्रवाइयों से नगर के आम लोगों में भारी गुस्सा है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन का यह रवैया पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है। आम जनता एक साल तक बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होती रही। किसी भी अधिकारी ने सांची के नागरिकों की सुध नहीं ली। अब विदेशी मेहमानों के आने पर प्रशासन ने रातों-रात पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या टैक्स देने वाली आम जनता का कोई मूल्य नहीं है। अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस बात की खासी चर्चा हो रही है। लोग खुलकर प्रशासन की कार्यशैली की आलोचना कर रहे हैं।
सांची का यह वाकया प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। यह घटना साबित करती है कि जब प्रशासन चाहे, तब काम कुछ ही घंटों में हो सकते हैं। एक साल से बंद पड़ी लाइटें एक दिन में चालू हो गईं। सड़कों से अतिक्रमण भी तुरंत हटा दिया गया। यदि प्रशासन ऐसा ही रवैया हर दिन रखे, तब नगर का विकास तेजी से हो सकता है। जनता उम्मीद करती है कि अधिकारी भविष्य में आम नागरिकों की समस्याओं का भी इसी तत्परता से समाधान करेंगे। सांची की जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है। लोग अपने अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं। प्रशासन को अपनी कार्यसंस्कृति में सुधार करना होगा।ओ
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