भोपाल: राजधानी भोपाल में अपराध की एक ऐसी पटकथा सामने आई है, जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। भोपाल की पॉश कॉलोनी अरेरा हिल्स पुलिस ने एक ऐसे बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार भोपाल से लेकर सीहोर के ग्रामीण इलाकों तक जुड़े हुए हैं। मामला लग्जरी कारों को किराये पर लेकर उन्हें अवैध रूप से गिरवी रखने और बेचने का है। पुलिस ने अब तक 3.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 26 लग्जरी गाड़ियाँ बरामद की हैं।
ऐसे हुआ शातिर खेल का खुलासा
इस पूरे खेल का मुख्य आरोपी शैलेश जोशी है। शातिर दिमाग शैलेश का तरीका बेहद सुनियोजित था। वह लोगों से उनकी लग्जरी और हाई-एंड गाड़ियाँ आकर्षक मासिक किराए (लगभग 25 हजार रुपये प्रति माह) पर लेता था।
विदिशा निवासी गौरव कुशवाह ने भी अपनी डिजायर कार इसी झांसे में आकर शैलेश को दी थी। गौरव की तरह ही कई अन्य लोग इस ठग का शिकार बने। शैलेश ने गाड़ियाँ लेने के बाद उन्हें अपने पास नहीं रखा, बल्कि गांव-देहात के इलाकों में ले जाकर गिरवी रख दिया या फिर 75 हजार रुपये एडवांस लेकर तीसरे व्यक्तियों को बेच दिया।
GPS बंद होते ही बजी खतरे की घंटी
आरोपी ने ठगी को अंजाम देने के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया। गाड़ियाँ लेने के बाद उसने सबसे पहले उनमें लगे GPS सिस्टम को बंद कर दिया, ताकि मालिक उनकी लोकेशन ट्रेस न कर सकें। जब गौरव कुशवाह और अन्य मालिकों को कई दिनों तक गाड़ियों की कोई खबर नहीं मिली और GPS भी काम करना बंद कर गया, तो उन्हें दाल में कुछ काला लगा।
पीड़ित गौरव कुशवाह का आरोप है कि वे न्याय के लिए भोपाल के कई थानों के चक्कर काटते रहे, लेकिन हर तरफ से उन्हें मायूसी ही मिली। अंततः अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शैलेश जोशी के खिलाफ धारा 316(2) (अमानत में खयानत) के तहत FIR दर्ज की।
श्यामपुर-सीहोर तक फैली हैं गैंग की जड़ें
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि बरामद की गई गाड़ियाँ मुख्य रूप से श्यामपुर, सीहोर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों से मिली हैं। फिलहाल, थाना परिसर इन जब्त की गई महंगी कारों से भरा पड़ा है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
आरोपी शैलेश जोशी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे गैंग का पर्दाफाश करेगी और यह बताएगी कि इस ठगी के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।
चेतावनी: यदि आपने भी अपनी गाड़ी किसी अनजान व्यक्ति को किराये पर दी है और आपको संदेह है, तो तुरंत अपने नजदीकी थाने में संपर्क करें।
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