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उज्जैन में ठेकेदारों पर 15 लाख की पेनाल्टी, सिंहस्थ-2028 के कार्यों पर सख्ती

09-10-2026  Vidisha Bharti Desk  15 views
उज्जैन में ठेकेदारों पर 15 लाख की पेनाल्टी, सिंहस्थ-2028 के कार्यों पर सख्ती

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और शहर में चल रहे विकास कार्यों को लेकर प्रशासन ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती शुरू कर दी है। थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट टीम द्वारा बताई गई कमियों के आधार पर उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने दो निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों पर कुल 15 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई है। इसमें सीवरेज निर्माण कार्य के ठेकेदार पर 5 लाख रुपये और हरियाखेड़ी जल आवर्धन योजना का काम करने वाले ठेकेदार पर 10 लाख रुपये की पेनाल्टी शामिल है।

गुणवत्ता में कमी पर अलग-अलग कार्रवाई

प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, सीवरेज निर्माण कार्य में पाई गई कमियों के आधार पर संबंधित ठेकेदार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, हरियाखेड़ी जल आवर्धन योजना में निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप काम नहीं किए जाने के कारण संबंधित ठेकेदार पर 10 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है।

यह कार्रवाई निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विकास परियोजनाओं को तय मानकों के अनुरूप पूरा कराने के उद्देश्य से की गई है। थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट के माध्यम से सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर विशेष जोर

सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में विभिन्न विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं में समयसीमा के साथ निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी क्रम में संभागायुक्त आशीष सिंह ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में संबंधित निर्माण एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी कमियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें और थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट टीम द्वारा बताई गई खामियों को दूर करें।

समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश

संभागायुक्त ने सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे गुणवत्ता जांच में सामने आई कमियों को निर्धारित मानकों के अनुसार दूर करें। साथ ही, परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करें।

प्रशासन की इस कार्रवाई से निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। खासकर सिंहस्थ-2028 जैसे बड़े आयोजन की तैयारियों के मद्देनजर बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों का मानकों के अनुरूप होना महत्वपूर्ण है।

निगरानी और जवाबदेही पर रहेगा जोर

थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट में मिली कमियों के आधार पर पेनाल्टी लगाया जाना इस बात को रेखांकित करता है कि निर्माण कार्यों की निगरानी और जवाबदेही पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, संबंधित निर्माण कार्यों में पाई गई विशिष्ट तकनीकी खामियों और सुधार पूरा करने की समयसीमा का विस्तृत विवरण जारी जानकारी में नहीं दिया गया है।

अब संबंधित एजेंसियों के सामने ऑडिट में बताई गई कमियों को दूर करने और निर्माण कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप पूरा करने की जिम्मेदारी है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुधारात्मक कार्रवाई कितनी तेजी से पूरी होती है और आगे होने वाली गुणवत्ता जांच में कार्य निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।


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