विदिशा भारती |
विदिशा, 1 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जिले के दीपनाखेड़ा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के एक और मुख्य एवं शातिर आरोपी को पुलिस ने एक साल की लंबी मशक्कत के बाद धर दबोचा है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल ठगी के पूरे नेटवर्क की परतें उधड़ने लगी हैं। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला? शादी की पहली ही रात गायब हुई दुल्हन
घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 10 सितंबर 2025 को ग्राम साँकला निवासी एक फरियादिया ने थाना दीपनाखेड़ा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उसके भाई सुरेंद्र राजपूत का विवाह तय करने के नाम पर एक लाख रुपये लिए गए थे। शादी धूमधाम से संपन्न भी हुई, लेकिन परिवार की खुशियां ज्यादा दिन नहीं टिक पाईं। विवाह की पहली ही रात को वह शातिर दुल्हन मौका पाकर घर से नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर रहस्यमय तरीके से फरार हो गई।
इस अप्रत्याशित घटना के बाद पीड़ित परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार की शिकायत पर दीपनाखेड़ा थाने में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 176/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं—318(4), 336(3), 338, 340(2) और 3(5)—के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया और मामले को गहन विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के सटीक मार्गदर्शन से बिछाया गया जाल
प्रकरण की गंभीरता और सनसनीखेज प्रवृत्ति को देखते हुए विदिशा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर किया। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सोनू डाबर के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मजबूत मुखबिर तंत्र का जाल बिछाया। पुलिस ने पहले ही तत्परता दिखाते हुए मुख्य दुल्हन और उसके तीन अन्य सहयोगियों को भोपाल से दबोचने में सफलता हासिल की थी, जिन्हें पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि, इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार और बिचौलिया लगातार पुलिस की आँखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
एक साल से फरार था मुख्य बिचौलिया, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
विवेचना के दौरान यह बात सामने आई कि इस फर्जी और छलपूर्वक शादी के पूरे खेल का मास्टरमाइंड मोहन सिंह पाल पुत्र स्वर्गीय रामप्रसाद पाल है, जिसकी उम्र 59 वर्ष है और जो ग्राम साँकला, तहसील सिरोंज, जिला विदिशा का ही रहने वाला है। घटना के बाद से ही यह आरोपी लगभग एक वर्ष से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
दीपनाखेड़ा थाना पुलिस ने हार नहीं मानी। लगातार सुरागकशी करते हुए और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस टीम ने आखिरकार आरोपी मोहन सिंह पाल को घेर लिया और उसे गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे जटिल और बहुचर्चित प्रकरण को सुलझाने और फरार आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाने में दीपनाखेड़ा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक के.के. पवार, उपनिरीक्षक लालबहादुर सिंह और आरक्षक अमित खैवरिया की विशेष, साहसिक एवं अत्यंत सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की इस मुस्तैदी से विदिशा क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
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