सांची। 10 दिवसीय पर्युषण पर्व के समापन अवसर पर रविवार सुबह सांची में जैन समाज द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नगर के स्तूप रोड के पास वार्ड-8 में स्थित श्री 1008 शीतलनाथ जैन मंदिर से सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। रथ में भगवान शीतलनाथ स्वामी की प्रतिमा विराजमान रही, जिसके दर्शन के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई।
शोभायात्रा के दौरान पूरा नगर धार्मिक जयकारों से गूंजता रहा। समाज के लोगों ने जगह-जगह भगवान महावीर स्वामी की आरती उतारी और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। दस दिनों तक चले धार्मिक आयोजनों के समापन पर निकली शोभायात्रा में समाजजनों का उत्साह देखते ही बना।
शीतलनाथ जैन मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा
रविवार सुबह श्रद्धालु बड़ी संख्या में श्री 1008 शीतलनाथ जैन मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। धार्मिक वातावरण के बीच भगवान शीतलनाथ स्वामी की प्रतिमा को सुसज्जित रथ में विराजमान किया गया। इसके बाद विधि-विधान और श्रद्धा के साथ शोभायात्रा प्रारंभ हुई।
शोभायात्रा मंदिर से निकलकर बस स्टैंड मुख्य मार्ग से होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और वापस जैन मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु धार्मिक जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह समाज के लोगों ने भगवान महावीर स्वामी की आरती उतारी और भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
एक जैसे परिधानों में नजर आईं महिलाएं
शोभायात्रा का विशेष आकर्षण जैन समाज की महिलाओं की सहभागिता रही। महिलाएं एक जैसे परिधान पहनकर शोभायात्रा में शामिल हुईं। महिलाओं ने रास्ते में गरबा नृत्य कर पर्युषण पर्व के सफल समापन की खुशी मनाई। गरबा के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया।
धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक रंग ने शोभायात्रा को और आकर्षक बना दिया। महिलाओं की सामूहिक प्रस्तुति ने राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा। वहीं बच्चों में भी शोभायात्रा को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। बच्चे धार्मिक जयकारों और शोभायात्रा में पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।
पूरे मार्ग में बना रहा भक्तिमय माहौल
शोभायात्रा जिस मार्ग से होकर गुजरी, वहां धार्मिक वातावरण बना रहा। समाज के लोग भगवान शीतलनाथ स्वामी और भगवान महावीर स्वामी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। श्रद्धालुओं ने रथ में विराजमान भगवान शीतलनाथ स्वामी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की।
शोभायात्रा के दौरान नगरवासियों में भी धार्मिक आयोजन को लेकर उत्सुकता देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ यात्रा में भाग लिया। मंदिर परिसर में वापस पहुंचने के बाद धार्मिक विधियों के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
10 दिनों तक चले धार्मिक आयोजन
जैन समाज द्वारा पर्युषण पर्व के दौरान लगातार 10 दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन दिनों श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों में सहभागिता की। पर्व के दौरान समाज के लोगों ने धार्मिक वातावरण में समय बिताते हुए आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना पर जोर दिया।
रविवार को शोभायात्रा के साथ पर्युषण पर्व के आयोजनों का औपचारिक समापन हुआ। समापन अवसर पर समाजजनों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पर्व के प्रति अपनी आस्था और उत्साह का परिचय दिया।
श्री जी के विराजमान और कलश का सौभाग्य प्राप्त हुआ
शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री जी के विराजमान, कलश एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य मनोज जैन गुलगांव, राजमल, गौरीशंकर जैन, कपिल जैन, राजेंद्र जैन और आनंद जैन को प्राप्त हुआ। समाजजनों ने धार्मिक विधियों में श्रद्धा के साथ सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान भगवान शीतलनाथ स्वामी की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। पूरे आयोजन में जैन समाज की एकजुटता और धार्मिक आस्था स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
पर्युषण पर्व के समापन पर निकली इस शोभायात्रा ने सांची के धार्मिक माहौल को भक्तिमय बना दिया। भगवान शीतलनाथ स्वामी के रथ के साथ निकली यात्रा, महिलाओं का गरबा, बच्चों का उत्साह और समाजजनों के धार्मिक जयकारे पूरे आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। 10 दिनों तक चले धार्मिक आयोजनों के बाद शोभायात्रा के साथ पर्व का समापन श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक भावनाओं के बीच हुआ।
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