इंदौर/देवास। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत लोकायुक्त ने प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। उज्जैन लोकायुक्त द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद इंदौर और देवास में उनके घर सहित अन्य ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अब तक करीब 6.5 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने की बात सामने आई है। तलाशी पूरी होने के बाद संपत्ति और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत ब्योरा सामने आने की उम्मीद है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फिरोज खान वर्तमान में इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) में चालक के पद पर पदस्थ बताए गए हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने जांच आगे बढ़ाई और प्रकरण दर्ज कर तलाशी की कार्रवाई शुरू की।
इंदौर और देवास में 15 स्थानों पर तलाशी
लोकायुक्त की कार्रवाई के तहत इंदौर और उज्जैन संभाग की आठ टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, कुल 15 ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई जारी है। इसमें फिरोज खान के आवास और उनसे जुड़े अन्य संभावित ठिकानों को शामिल किया गया है।
कार्रवाई की शुरुआत देवास जिले से होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद इंदौर सहित अन्य स्थानों पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। टीमों द्वारा संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की जा रही है, ताकि आय और अर्जित संपत्तियों के बीच अंतर का आकलन किया जा सके।
आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर मामला दर्ज
सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर उज्जैन लोकायुक्त ने मामला दर्ज किया और फिर तलाशी की कार्रवाई शुरू की। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित संपत्तियां वैध आय के अनुरूप हैं या नहीं।
अब तक करीब 6.5 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलने की जानकारी दी जा रही है। हालांकि, यह राशि किन-किन संपत्तियों, दस्तावेजों, नकदी या अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित है, इसका पूरा विवरण आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी है। तलाशी पूरी होने और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही कुल संपत्ति तथा मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दो साल से गैरहाजिर रहने की भी जानकारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक फिरोज खान करीब दो वर्षों से ड्यूटी से गैरहाजिर बताए जा रहे हैं। उनके संबंध में विभागीय जांच भी जारी होने की बात कही गई है। हालांकि, गैरहाजिरी और विभागीय जांच का वर्तमान लोकायुक्त प्रकरण से क्या संबंध है, इस बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
लोकायुक्त की टीमों की कार्रवाई अभी जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और संपत्तियों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल, इस मामले में फिरोज खान का पक्ष और लोकायुक्त की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
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