विदिशा। भारत सरकार के कृषि मंत्री और "जनता के मामा" शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा की पावन धरा पर एक बार फिर अपनी गहरी धार्मिक और मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया। अवसर था आयुर्वेद के प्रसिद्ध 'स्वर्णप्राशन' संस्कार का, जिसे जैन समाज द्वारा आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से आयोजित किया गया। बच्चों को स्वर्णप्राशन की बूंदें पिलाते हुए शिवराज सिंह ने भावुक मन से कहा, “यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य है कि मुझे उन नौनिहालों की सेवा का अवसर मिला, जिनका भविष्य आचार्य श्री के आशीर्वाद से उज्जवल होने जा रहा है।”
मुनि श्री के सानिध्य में आध्यात्मिक शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत विदिशा में विराजमान निर्यापक मुनि श्री संभवसागर महाराज, मुनि श्री निस्सीम सागर महाराज और मुनि श्री संस्कार सागर महाराज के सानिध्य में हुई। कृषि मंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत 'बड़े बाबा' और 'छोटे बाबा' (आचार्य श्री विद्यासागर जी) के चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन से की। व्यस्तता के चलते कार्यक्रम में पहुंचे शिवराज सिंह ने देरी के लिए विनम्रतापूर्वक क्षमा मांगी और सीधे संतों के चरणों में नतमस्तक हो गए।
“गुरुदेव की सजीव आंखें और उठता हाथ आज भी याद है”
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को याद करते हुए शिवराज सिंह चौहान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "मैं खुद को दुनिया का सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं क्योंकि मुझे गुरुदेव की सेवा करने का सबसे अधिक अवसर मिला। उनकी वे करुणा भरी आंखें और आशीर्वाद के लिए उठता हाथ आज भी मेरी स्मृतियों में सजीव है।" उन्होंने जैन समाज की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य की चिंता करना और उन्हें संस्कारों से जोड़ना ही सच्ची मानव सेवा है।
कुंडलपुर की यादें और 'इंडिया नहीं भारत' का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान मुनि श्री ने वर्ष 2006 की उन स्मृतियों को ताजा किया, जब शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्रित्व काल में कुंडलपुर के 'बड़े बाबा' का गगन विहार संपन्न हुआ था। मुनि श्री ने स्मरण दिलाया कि कैसे शिवराज सिंह ने अपनी कुर्सी या राजनीति की परवाह किए बिना समस्त बाधाओं को दूर कर बड़े बाबा को नए आसन पर विराजमान कराया था।
चर्चा के दौरान मुनि श्री ने 'प्रतिभा स्थली' (बेटी बचाओ अभियान) और आचार्य श्री के "इंडिया नहीं भारत कहो" के नारे का भी जिक्र किया, जिसे आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आत्मसात कर रहे हैं। मुनि श्री निस्सीम सागर महाराज ने बताया कि स्वर्णप्राशन केवल दवा नहीं, बल्कि गुरुदेव का दूरदर्शी आशीर्वाद है जो बच्चों की मेधा और स्वास्थ्य को सुरक्षित करेगा।
जेलों में सुधार और आत्मनिर्भरता की मिसाल
कार्यक्रम में चर्चा हुई कि कैसे आचार्य श्री की प्रेरणा से आज भारत की जेलों में कैदी हस्तकरघा चलाकर न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि उनके मन से अपराध का भाव भी समाप्त हो रहा है। प्रवक्ता अविनाश जैन 'विद्यावाणी' ने बताया कि कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह और विधायक मुकेश टंडन का भव्य स्वागत सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा किया गया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने वालों में कार्यक्रम संयोजक संजय सेठ, अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी (बड़ू), महामंत्री प्रदीप जैन (LIC), प्रवक्ता अविनाश जैन, मुकेश जैन बड़ाघर, बसंत जैन, अनिरुद्ध सराफ, भाजपा नेता राजेश जैन और महिला नेत्री मंजरी जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन दीपक जैन ने किया।