
फोटो संकेतात्मक है
राघवेन्द्र दांगी विदिशा, मध्यप्रदेश।
विदिशा जिले के शांत और पारंपरिक ग्राम लगदा में उस समय सनसनी फैल गई जब एक 17 वर्षीय किशोरी ने अपने ही चाचा की जान लेने की कोशिश की। शुक्रवार की शाम को चाय में ज़हर मिलाकर दिए जाने के बाद चाचा की हालत बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
घटना ने न केवल परिवार को झकझोर कर रख दिया, बल्कि गांव में भी हलचल मचा दी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि किशोरी एक युवक से प्रेम करती है, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। इसी तनाव के चलते उसने यह चौंकाने वाला कदम उठाया।
चाय में मिलाया गया सल्फास, हालत गंभीर
पीड़ित चाचा गोपाल (45 वर्ष) ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शुक्रवार की शाम उनकी भतीजी ने उनके लिए विशेष रूप से चाय बनाई थी। चाय पीने के कुछ ही देर बाद उन्हें उल्टी और चक्कर आने लगे। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने चाय में ज़हर होने की पुष्टि की। रिपोर्ट के अनुसार, चाय में जानलेवा सल्फास मिलाया गया था।
गोपाल की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित का बयान दर्ज किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
भाई के निधन के बाद कर रहे थे परवरिश
पुलिस सूत्रों और परिवारजनों के अनुसार, गोपाल उस किशोरी के सगे चाचा हैं। किशोरी के पिता, जो गोपाल के बड़े भाई थे, कुछ साल पहले दुनिया से चल बसे थे। इसके बाद से ही गोपाल अपनी भतीजी की परवरिश कर रहे थे। वह उसे बेटी की तरह मानते थे और उसकी पढ़ाई-लिखाई से लेकर हर ज़रूरत का ध्यान रख रहे थे।
लेकिन हाल के दिनों में किशोरी का व्यवहार असामान्य हो गया था। वह एक युवक से प्रेम संबंध में थी, जिससे परिवार के सदस्य असहमति जता चुके थे। परिवार ने उसे कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़ी रही।
पहले भी भाग चुकी थी घर से
गोपाल की मां चंदन बाई (65 वर्ष) ने बताया कि किशोरी पहले भी एक बार घर से भाग गई थी। काफी खोजबीन और पुलिस की मदद के बाद उसे वापस लाया गया था। घटना के कुछ दिन पहले ही पुलिस ने किशोरी को समझाया था कि वह परिवार के निर्णय का सम्मान करे, लेकिन उसने साफ तौर पर कह दिया था कि वह केवल अपने प्रेमी से ही विवाह करेगी।
चंदन बाई ने यह भी बताया कि परिवार ने किशोरी के भविष्य की चिंता करते हुए उसकी पढ़ाई जारी रखी थी, लेकिन वह प्रेम संबंध में इस कदर डूब गई कि उसने अपने ही पालन-पोषण करने वाले चाचा की जान लेने की कोशिश कर डाली।
पुलिस कर रही है पूछताछ, किशोरी हिरासत में
घटना के बाद पुलिस ने किशोरी को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि उसके खिलाफ हत्या की कोशिश (IPC की धारा 307) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि किशोरी को ज़हर कहां से मिला और क्या इस वारदात में कोई और शामिल था। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किशोरी को किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा भड़काया तो नहीं गया।
गांव में पसरा सन्नाटा, लोग हैरान
ग्राम लगदा जैसे शांत क्षेत्र में इस प्रकार की घटना ने पूरे गांव को चौंका दिया है। लोग हैरान हैं कि एक किशोरी, जिसकी परवरिश खुद चाचा ने की थी, उसने इतनी घातक साजिश कैसे रची। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि अब नई पीढ़ी पारिवारिक मूल्यों से दूर होती जा रही है।
विशेषज्ञों की राय: भावनात्मक संतुलन की ज़रूरत
इस तरह की घटनाओं पर मनोचिकित्सकों का कहना है कि किशोर अवस्था में भावनाएं प्रबल होती हैं और अगर समय रहते उन्हें सही मार्गदर्शन न मिले, तो वे गलत कदम उठा सकते हैं। ऐसे मामलों में परिवार को संयम और संवाद से काम लेना चाहिए।
विदिशा की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि प्रेम संबंधों और पारिवारिक तनावों को समय रहते समझना और सुलझाना कितना ज़रूरी है। एक छोटी सी असहमति ने एक किशोरी को ऐसा खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिससे एक जीवन खतरे में आ गया और एक परिवार टूटने की कगार पर पहुंच गया।