
विदिशा। विदिशा की कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बालाजी मंदिर (किले अंदर) से भक्तों के सोने-चांदी के जेवर चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के 05 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से चोरी की गई ₹15 लाख मूल्य की ज्वेलरी, नकदी और घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त किया गया है।
यह बड़ी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस ने की। पुलिस की इस तत्परता और तकनीकी जांच ने एक बड़े आपराधिक गिरोह को बेनकाब किया है।
चुनौतीपूर्ण जांच का सफ़र: CCTV और टेक्निकल साक्ष्य बने हथियार
चोरी की यह घटना दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को बालाजी मंदिर, किले अंदर विदिशा में हुई थी। मंदिर में भारी भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से सोने के मंगलसूत्र और चैन चोरी कर लिए गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच शुरू की।
यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। जांच के दौरान पुलिस ने:
* करीब 250 सीसीटीव्ही फुटेज को बारीकी से खंगाला।
* 150 से अधिक लोगों से पूछताछ की।
* उच्च स्तरीय तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) और मानवीय इंटेलिजेंस का उपयोग किया।
इन प्रयासों के दम पर पुलिस को उत्तर प्रदेश के एक अंतर्राज्यीय गिरोह की पहचान करने में सफलता मिली और पांच आरोपियों को धर-दबोचा गया।
क्या-क्या हुआ बरामद?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी का लगभग ₹15,00,000/- (पंद्रह लाख रुपये) का कुल मशरूका (चोरी का सामान) बरामद किया है।
बरामदगी का विवरण:
* नगदी: ₹1,15,000/-
* सोने के 04 मंगलसूत्र
* सोने की 01 चैन
* घटना में प्रयुक्त एक अर्टिका कार
गिरोह के सदस्यों पर पूर्व में भी उत्तरप्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग जिलों में आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं, जो इनकी अंतर्राज्यीय सक्रियता को साबित करता है।
चोरी की 'प्रोफेशनल' कार्यप्रणाली
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी चोरी की कार्यप्रणाली का खुलासा किया, जो बेहद चौंकाने वाला है। यह गिरोह पेशेवर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था:
* टारगेट की पहचान: आरोपी टेलीविजन, यूट्यूब और सोशल मीडिया के माध्यम से उन शहरों और स्थानों की जानकारी जुटाते थे, जहाँ भारी भीड़ जमा होती है।
* जगह: इनका मुख्य निशाना मंदिर, धार्मिक मेले और बड़े सामाजिक आयोजन होते थे, जहाँ महिलाएं गहने पहनकर आती हैं।
* वारदात: गिरोह भीड़भाड़ का लाभ उठाकर बेहद सफाई से महिलाओं के गले से सोने के मंगलसूत्र और चैन चोरी कर लेता था।
* छिपना: चोरी की वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद, ये आरोपी राज्य बदलकर अपने ठिकानों (मुख्यतः आगरा) में छिप जाते थे, जिससे पुलिस को इन्हें ट्रैक करने में मुश्किल होती थी।
पुलिस ने यह मामला अपराध क्रमांक 833/25, धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपी (सभी उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी):
* दिलावर पातरे, 59 वर्ष
* संगीता पातरे, 55 वर्ष
* अशोक कुमार कोरी, 55 वर्ष
* विद्या उर्फ कंचन हटागले, 55 वर्ष
* नीलम हटागले, 34 वर्ष
इस बड़ी सफलता को हासिल करने वाली टीम में थाना प्रभारी आनंद राज, उनि रितुराज सिंह, उप निरीक्षक रोहित कौरव, उनि गौरव रघुवंशी (साइबर सेल प्रभारी) सहित आरक्षकों की एक बड़ी टीम शामिल थी, जिन्होंने दिन-रात मेहनत की।
विदिशा पुलिस की अपील है: नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नज़दीकी थाने या आपातकालीन सेवा डायल-112 पर दें। आपकी सक्रियता अपराधों की रोकथाम में बेहद सहायक है।