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विदिशा में "विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस" पर बड़ा अभियान: बच्चों को बचाने की मुहिम

2025-07-31  Editor Shubham Jain  1,214 views

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राघवेंद्र दांगी विदिशा, 30 जुलाई: विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर विदिशा में बाल तस्करी के खिलाफ एक बड़ा जन जागरूकता अभियान चलाया गया। विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने अपनी "एक्सेस टू जस्टिस" परियोजना के तहत यह पहल की, जिसका उद्देश्य समाज को इस गंभीर अपराध के प्रति सचेत करना था। इस मुहिम में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग

इस महत्वपूर्ण अभियान में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी, एडिशनल एसपी डॉ. प्रशांत चौबे और सीएसपी अतुल सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने आम जनता को बाल तस्करी की भयावहता, इसके विनाशकारी परिणामों और इससे निपटने के लिए बने कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि कोई बच्चा जबरन काम करते हुए या संदिग्ध परिस्थितियों में एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता दिखे, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1098 या 139 पर सूचना दें। यह नंबर बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार हैं।

रेलवे स्टेशन पर विशेष जागरूकता अभियान

अभियान के तहत रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और रेलवे प्रशासन के सहयोग से यात्रियों को भी जागरूक किया गया। यात्रियों को बताया गया कि यदि उन्हें किसी ट्रेन में कोई गुमशुदा या संदिग्ध स्थिति में बच्चा दिखाई दे, तो वे तुरंत स्टेशन पर तैनात आरपीएफ कर्मियों को सूचित करें। यह कदम रेलवे यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने दिखाया उत्साह

इस जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। सभी ने मिलकर पोस्टर, नारे और जनसंवाद के माध्यम से बाल तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि इस जघन्य अपराध को खत्म करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक बनकर आवाज उठानी होगी।

अभियान का मुख्य उद्देश्य था – "हर बच्चा सुरक्षित, हर बच्चा स्वतंत्र।" यह पहल निश्चित रूप से समाज में बाल तस्करी की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। इस पूरे अभियान में कार्यक्रम के जिला प्रभारी दीपा शर्मा के साथ आरपीएफ के कल्याण यादव, नारायण सिंह और उनके स्टाफ की अहम मौजूदगी रही। यह दिखाता है कि समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग ही ऐसे गंभीर मुद्दों पर सफलता दिला सकता है।


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