
राघवेंद्र दांगी विदिशा, मध्य प्रदेश: अब पुलिस थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे! विदिशा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित काशवानी ने मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को पुलिस कार्यालय में एक विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को न केवल सुना, बल्कि कई मामलों का मौके पर ही तुरंत समाधान भी कर दिया। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच का रिश्ता और मजबूत हुआ है।
जब पुलिस कप्तान ने खुद सुनी जनता की पीड़ा
जनसुनवाई में शहर और ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। नागरिकों ने अपनी सुरक्षा, बिगड़ती कानून व्यवस्था, ट्रैफिक जाम, और छोटी-बड़ी पारिवारिक विवादों जैसी कई समस्याओं को पुलिस कप्तान के सामने रखा। एक-एक कर सभी की शिकायतें सुनने के बाद एसपी रोहित काशवानी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ उन पर ध्यान दिया।
जो शिकायतें तुरंत सुलझाई जा सकती थीं, उनका मौके पर ही निपटारा किया गया। बाकी मामलों को गंभीरता से लेते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि इन पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि इन मामलों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी नागरिक को बार-बार चक्कर न काटना पड़े।
जनता का बढ़ा विश्वास, पुलिस की छवि हुई बेहतर
इस तरह की जनसुनवाई का सीधा असर जनता के विश्वास पर पड़ता है। एसपी रोहित काशवानी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि विदिशा पुलिस हमेशा उनकी सेवा के लिए तैयार है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी समस्या या आपात स्थिति में वे बिना झिझक पुलिस से सीधे संपर्क करें।
जनता की समस्याओं को समझने और उनका हल निकालने की इस कोशिश से पुलिस की छवि और अधिक मानवीय व सुलभ बन रही है। यह पहल दिखाती है कि प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों से जुड़कर उनकी वास्तविक परेशानियों को हल करने में विश्वास रखता है। ऐसी 'जनता दरबार' से न सिर्फ पुलिस-जनता संवाद बेहतर होता है, बल्कि अपराध और समस्याओं को भी प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।