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विदिशा में खूनी संघर्ष: कोतवाली पुलिस ने चंद घंटों में दबोचा हत्या के प्रयास का आरोपी, लहराया था चाकू

2026-01-23  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  259 views

ImgResizer_IMG-20260123-WA0009विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा प्रहार जारी है। जय स्तंभ कॉम्प्लेक्स जैसे व्यस्त इलाके में हुई चाकूबाजी की घटना ने सनसनी फैला दी थी, लेकिन कोतवाली पुलिस की सक्रियता ने आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार भी बरामद कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना 21 जनवरी 2026 की है। विदिशा के व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्र बड़ी बजरिया स्थित जय स्तंभ कॉम्प्लेक्स में अचानक अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक पर जानलेवा हमला हुआ। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुँची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत घेराबंदी शुरू की और साक्ष्य जुटाए।

पुलिस ने इस मामले में पंकज यादव (21 वर्ष), निवासी नाई मोहल्ला, तोपपुरा को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर वह चाकू भी बरामद कर लिया गया है जिससे उसने वारदात को अंजाम दिया था।

डिजिटल तकनीक (ICJS) से मिली बड़ी मदद

इस पूरी कार्रवाई की खास बात यह रही कि पुलिस ने ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System) का प्रभावी उपयोग किया। इस सिस्टम की मदद से आरोपी के पुराने रिकॉर्ड खंगालने, जाँच में पारदर्शिता लाने और त्वरित कार्रवाई करने में सफलता मिली। आधुनिक तकनीक और मैदानी सक्रियता के मेल से पुलिस ने मामले का कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस की कड़ी कार्रवाई और धाराएं

पुलिस ने आरोपी पंकज यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

 * धारा 109: हत्या का प्रयास।

 * धारा 118(1): खतरनाक हथियारों से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुँचाना।

 * धारा 296(b): अश्लील कृत्य और गाली-गलौज।

इस टीम ने निभाई मुख्य भूमिका

पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे व नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

थाना प्रभारी आनंद राज के नेतृत्व में गठित टीम में सहायक उप निरीक्षक राम मनोहर इमने, प्रधान आरक्षक अमित सक्सेना, जितेंद्र खटीक, कमल धाकड़ और आरक्षक संदीप जाट, अजय सिकरवार, महेंद्र प्रताप सिंह गुर्जर, नीरेश बघेल व शिशुपाल सिंह दांगी की अहम भूमिका रही।

जनता में सुरक्षा का भाव

शहर के बीचों-बीच हुई इस त्वरित गिरफ्तारी से व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जिले में चोरी, नकबजनी और गंभीर अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।


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