राघवेंद्र दांगी विदिशा जिले में फसलों की डिजिटल गिरदावरी का काम तेजी से जारी है। जिला कलेक्टर के निर्देशों के बाद, अब अधिकारी खुद खेतों में जाकर फसलों की स्थिति को जांच रहे हैं। यह सब सारा ऐप के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि किसानों की फसलों का सटीक और सही रिकॉर्ड बन सके।
खेत-खेत घूमकर की जा रही जांच
ग्यारसपुर के एसडीएम विजय राय ने खुद ग्राम कंजना पहुंचकर किसानों के खेतों का मुआयना किया। उन्होंने किसान प्रकाश दांगी के खेत में सोयाबीन और धन सिंह सिलावट के खेत में मक्के की फसल की जांच की। उन्होंने सारा ऐप पर ही इसकी जानकारी अपलोड की।
इसी तरह, गुलाबगंज की तहसीलदार पलक पिडिहा ने ग्राम पिपरिया में किसान अजय सिंह के खेत में मक्के की फसल की जांच की। वहीं, आनंदपुर और रसूलपुर में भी अधिकारियों ने खेतों का दौरा कर सोयाबीन की फसल जांची। पठारी तहसील में तहसीलदार अभिषेक पांडे ने कांकरखेड़ी और पदम्याई गांवों में फसलों की जांच कर जानकारी दर्ज की।
क्यों हो रही है यह डिजिटल जांच?
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फसलें सही ढंग से दर्ज हों और ई-उपार्जन के समय किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधीक्षक भू-अभिलेख सविता पटेल ने बताया कि इस डिजिटल सर्वेक्षण से गलतियों की गुंजाइश कम हो जाएगी और किसानों की वास्तविक फसल का आसानी से क्रय किया जा सकेगा। यह काम पटवारियों और युवाओं की मदद से किया जा रहा है।