
करैरा (शिवपुरी): मध्य प्रदेश के करैरा क्षेत्र में अवैध खनन (Illegal Mining) के खिलाफ कार्रवाई कर रहे वन विभाग (Forest Department) के अमले को उस वक्त बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जब जब्त की गई एक JCB मशीन को छीनने की कोशिश की गई। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि वन रेंजर को अपनी सुरक्षा और सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए सर्विस रिवाल्वर से दो हवाई फायर (Aerial Firing) करने पड़े। इस घटना ने क्षेत्र में खनन माफिया के बढ़ते दुस्साहस को उजागर कर दिया है।
वीरपुर टोरिया वन क्षेत्र में अवैध गतिविधि
यह पूरी घटना करैरा के वीरपुर टोरिया वन क्षेत्र की है, जहाँ पिछले कुछ समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। वन विभाग को सूचना मिली थी कि इस क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध गतिविधि के लिए एक JCB मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सूचना मिलते ही, रेंजर लक्ष्मण सिंह मीणा के नेतृत्व में वन अमला मौके पर पहुँचा और JCB को जब्त कर लिया।
JCB छीनने की 'दबंग' कोशिश
वन विभाग के अधिकारी जेसीबी को जब्त कर उसे थाने ले जा रहे थे। इसी दौरान, अचानक बड़ी संख्या में अज्ञात लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने वन अमले को घेर लिया। उनका इरादा साफ था: जब्त JCB मशीन को जबरन छुड़ाना। भीड़ की आक्रामकता और बढ़ते तनाव को देखते हुए, वन अमले ने आत्मरक्षा का प्रयास किया, लेकिन भीड़ काबू में नहीं आई।
मामले की नज़ाकत को समझते हुए, रेंजर लक्ष्मण सिंह मीणा ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाली और दो हवाई फायर किए। रिवाल्वर की आवाज़ और रेंजर के कड़े तेवर ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया और जेसीबी को छीनने की कोशिश नाकाम हो गई। यह कार्रवाई खनन माफिया को एक कड़ा संदेश देती है कि वन विभाग किसी भी कीमत पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पुलिस की मदद से JCB थाने लाई गई
जैसे ही घटना की सूचना दिनारा थाना पुलिस को मिली, तत्काल बल मौके पर भेजा गया। दिनारा थाना पुलिस ने वन अमले को आवश्यक सुरक्षा प्रदान की। पुलिस की अभिरक्षा में, सफलतापूर्वक JCB मशीन को थाने लाया गया और उसे जब्त कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस अब उन अज्ञात लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, जिन्होंने सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने और जेसीबी छीनने का प्रयास किया था।
यह घटना यह भी दर्शाती है कि अवैध खनन के खिलाफ सरकारी कार्रवाई में शामिल कर्मचारियों को किस तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है। वन विभाग और पुलिस प्रशासन को मिलकर खनन माफिया के खिलाफ एक व्यापक और सख्त रणनीति बनाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक और दबंग कोशिशों को रोका जा सके।
जब्त JCB के मालिक और इसे छीनने का प्रयास करने वालों पर अब भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और वन सम्पदा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। वन विभाग की इस साहसिक कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अपनी ड्यूटी पूरी करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।