
- अमित रैकवार
विदिशा। किसी भी क्षेत्र के भविष्य की नींव वहां की शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है, विदिशा जिले के सिरोंज विधानसभा अंतर्गत लटेरी विकासखंड में इस नींव को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक और राजनैतिक प्रयास धरातल पर उतरा है। क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा की सक्रियता और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विकासपरक सोच के मेल ने लटेरी के चार शासकीय स्कूलों के लिए 9.19 करोड़ रुपये का 'शिक्षा बजट' सुनिश्चित किया है।
- प्रशासनिक इच्छाशक्ति और शिक्षा का मेल
यह केवल ईंट-पत्थरों के कमरों का निर्माण नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते 'डिजिटल और आधुनिक शिक्षा' के युग की ओर एक बड़ा कदम है। लंबे समय से जर्जर भवनों और कमरों की कमी से जूझ रहे कालादेव, मुरारिया, मुरवास और उनारसी कला के स्कूलों का अब पूर्णतः कायाकल्प (Renovation) होने जा रहा है।
इस परियोजना की खास बातें यह है कि, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर केवल क्लासरूम ही नहीं, बल्कि व्यवस्थित टॉयलेट ब्लॉक और भव्य प्रवेश द्वार छात्रों में विद्यालय के प्रति उत्साह जगाएंगे। चारों स्कूलों में बाउंड्रीवाल का निर्माण छात्रों की सुरक्षा और स्कूल की संपत्ति के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय है।
- संसाधनों की सुलभता:
निर्माण के साथ-साथ फर्नीचर की नई व्यवस्था इस बात का प्रमाण होगा कि सरकार 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' (Quality Education) के प्रति गंभीर है। अक्सर देखा जाता है कि विकास कार्य सड़कों और पुलों तक सिमट जाते हैं, लेकिन सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने 'शिक्षा प्रथम' की नीति को प्राथमिकता दी। उनके द्वारा शिक्षा विभाग को दिए गए सुझावों और लगातार किए गए फॉलो-अप का ही परिणाम है कि आज करोड़ों की यह राशि स्वीकृत हुई है।
- क्षेत्र में उत्साह का माहौल, श्रेय उमाकांत को
मुरारिया और मुरवास जैसे क्षेत्रों के स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूलों की स्थिति सुधरने से न केवल ड्रॉप-आउट रेट कम होगा, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा। मंडल अध्यक्ष रामगुलाम राजौरिया और जनपद अध्यक्ष सीमा कलावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इसे क्षेत्र के लिए 'ऐतिहासिक सौगात' बताया है।
- एक्सपर्ट व्यू
विदिशा के वरिष्ठ पत्रकार शुभम जैन बताते हैं कि, प्रशासनिक मंजूरी और बजट का आवंटन यह दर्शाता है कि यदि नेतृत्व दूरदर्शी हो, तो सरकारी स्कूल भी निजी संस्थानों को टक्कर दे सकते हैं। ₹9.19 करोड़ की यह निवेश राशि आने वाले समय में लटेरी के सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को रोशन करने का काम करेगी।
- इस परियोजना की खास बातें
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर केवल क्लासरूम ही नहीं, बल्कि व्यवस्थित टॉयलेट ब्लॉक और भव्य प्रवेश द्वार छात्रों में विद्यालय के प्रति उत्साह जगाएंगे।
- सुरक्षित वातावरण: चारों स्कूलों में बाउंड्रीवाल का निर्माण छात्रों की सुरक्षा और स्कूल की संपत्ति के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय है।
संसाधनों की सुलभता: निर्माण के साथ-साथ फर्नीचर की नई व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि सरकार 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' (Quality Education) के प्रति गंभीर है।