
वसीम कुरेशी सांची। सांची नगर परिषद में पिछले दो महीनों से उपयंत्री (इंजीनियर) का पद खाली होने से नगर के विकास कार्य पूरी तरह रुक गए हैं। सड़कों, नालियों और अन्य जरूरी निर्माण कार्य या तो अधूरे पड़े हैं या फिर बिना किसी तकनीकी देखरेख के आगे बढ़ रहे हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यह स्थिति तब बनी जब दो महीने पहले परिषद के उपयंत्री रिटायर हो गए। तब से लेकर अब तक उनकी जगह पर किसी नए इंजीनियर की नियुक्ति नहीं की गई है। नगर परिषद के अध्यक्ष पप्पू रेवाराम और पार्षदों ने नगरीय प्रशासन विभाग से लगातार गुहार लगाई, लेकिन उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम ने कहा, “अगर इंजीनियर होता तो अब तक कई विकास कार्य पूरे हो चुके होते। अधूरे कामों को बिना इंजीनियर की मौजूदगी में पूरा करना संभव नहीं है। जब तक इंजीनियर की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक नगर का विकास ठप ही रहेगा।”
स्थानीय लोग भी इस समस्या से त्रस्त हैं। उनका कहना है कि बुनियादी काम जैसे सड़क और नाली निर्माण रुक गए हैं। उन्होंने जल्द से जल्द इंजीनियर की नियुक्ति की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर यह स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
यह खबर न केवल सांची के विकास में आ रही बाधा को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे अधिकारियों की लापरवाही से जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।