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दिवाली की खुशियां: विदिशा एसपी ने बच्चों के बीच बांटी मिठाई और कपड़े, दिया 'प्रेम का प्रकाश' फैलाने का संदेश

2025-10-20  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  1,183 views

ImgResizer_20251020_1545_03946विदिशा। दीपावली का पावन पर्व सिर्फ दीपों को रौशन करने का नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सहयोग और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाने का भी अवसर है। इस संदेश को साकार करते हुए विदिशा के पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने एक अनूठी पहल की। उन्होंने थाना सिविल लाइन क्षेत्र में छोटे-छोटे बच्चों के साथ खुशियां मनाई और उन्हें मिठाई एवं वस्त्र वितरित कर त्योहार की मिठास बांटी। एसपी की यह पहल सामाजिक सौहार्द और मानवीय संवेदनाओं का एक सुंदर उदाहरण पेश करती है।

वर्दी में दिखा मानवीय चेहरा

दीपावली के शुभ अवसर पर पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने पुलिस की कठोर छवि से हटकर, एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा प्रस्तुत किया। थाना सिविल लाइन परिसर में आयोजित एक सादे और भावुक कार्यक्रम में, वे बच्चों से बेहद आत्मीयता से मिले। उन्होंने न केवल उन्हें तोहफे दिए, बल्कि उनसे बातचीत कर उनकी कुशल-क्षेम भी पूछी। यह दृश्य दर्शाता है कि कानून के रखवाले अपने कर्तव्यों के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी बखूबी समझते हैं।

बच्चों के बीच पहुंचकर, एसपी काशवानी ने उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और खुशहाल दीपावली मनाने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि "दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने का नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सहयोग और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाने का अवसर है।" उनका यह कथन पुलिस विभाग की 'मित्र पुलिस' की अवधारणा को मजबूत करता है, जो नागरिकों के साथ एक मजबूत और सकारात्मक संबंध बनाने पर जोर देती है।

खुशियों की मिठास और स्नेह का बंधन

इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी। पुलिस अधीक्षक के हाथों से मिठाई और नए कपड़े पाकर उनकी आंखें चमक उठीं। यह छोटी सी पहल उन बच्चों के लिए दीपावली की खुशियों को दोगुना करने वाली साबित हुई, जिनके जीवन में शायद हर दिन त्योहार जैसा माहौल नहीं होता।

कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक आर.के. मिश्र सहित अन्य पुलिस स्टाफ भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने भी बच्चों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और उनके साथ त्योहार की खुशियाँ साझा कीं। पुलिस अधिकारियों का यह स्नेहपूर्ण व्यवहार न केवल बच्चों को खुशी देता है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान को भी बढ़ाता है।

समाज को सकारात्मकता का संदेश

पुलिस अधीक्षक की यह पहल सिर्फ विदिशा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह याद दिलाती है कि समाज के वंचित और कमजोर तबके के लोगों को खुशियों में शामिल करना ही सच्चे अर्थों में त्योहार मनाना है। दीपावली जैसे बड़े पर्व पर, जब लोग अपने घरों को सजाते हैं, तब पुलिस का यह मानवीय कदम दिखाता है कि 'प्रकाश' केवल घरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर चेहरे तक पहुंचना चाहिए।

इस प्रकार के सामाजिक कार्यक्रम पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करते हैं। यह स्थापित करते हैं कि पुलिस बल केवल अपराधों को नियंत्रित करने वाला विभाग नहीं है, बल्कि यह एक संवेदनशील संस्था है जो सामुदायिक कल्याण और सौहार्द के लिए भी प्रतिबद्ध है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी की इस पहल को विदिशा के लोगों ने खूब सराहा है। यह उम्मीद की जाती है कि भविष्य में भी ऐसे मानवीय प्रयास होते रहेंगे, जो समाज में सकारात्मकता और प्रेम की भावना को मजबूत करेंगे।


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