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दारोगा को वॉशिंग मशीन और 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, निगरानी विभाग की कार्रवाई से हड़कंप

2025-05-14  Editor Shubham Jain  619 views

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सीवान (बिहार)। बिहार के सीवान जिले में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे में सनसनी फैला दी है। असाव थाना में तैनात एएसआई (सहायक अवर निरीक्षक) मिथिलेश मांझी को निगरानी विभाग की टीम ने मंगलवार को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। हैरान कर देने वाली बात यह है कि दारोगा ने रिश्वत के तौर पर एक ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन और 20 हजार रुपये कैश की मांग की थी।

केस से नाम हटाने के लिए मांगी गई थी रिश्वत

मामला असाव थाना क्षेत्र के सहसराओं गांव का है, जहां कुछ दिन पहले दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस मामले में गांव के ही चंदन कुमार यादव और उनके परिजनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। चंदन का आरोप है कि इस घटना में उनके परिवार के कुछ निर्दोष लोगों का नाम जानबूझकर केस में शामिल किया गया। जब वे थाना पहुंचे और नाम हटाने की बात की, तो एएसआई मिथिलेश मांझी ने वॉशिंग मशीन (जिसकी कीमत लगभग 19,000 रुपये बताई जा रही है) और 20,000 रुपये नकद की मांग की।

निगरानी टीम को पहले ही दी गई थी सूचना

चंदन कुमार यादव ने एएसआई की इस मांग को नजरअंदाज करने के बजाय इसकी शिकायत निगरानी विभाग से कर दी। इसके बाद पटना से विशेष निगरानी टीम सीवान पहुंची और अस्पताल रोड पर ट्रैप सेट किया गया। जैसे ही मांझी रिश्वत लेने पहुंचे, टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी

निगरानी विभाग की टीम का नेतृत्व डीएसपी राजन प्रसाद कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद मिथिलेश मांझी को सीवान के सर्किट हाउस में रखा गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कई और अहम जानकारियाँ सामने आ सकती हैं।

आवेदक का पक्ष: “हमने इंसाफ की उम्मीद की थी, सौदे की पेशकश मिली”

आवेदक चंदन कुमार यादव ने मीडिया को बताया कि, “हमारे परिवार के निर्दोष सदस्यों को केस में फंसाया गया था। जब न्याय की उम्मीद लेकर थाने गए, तो दारोगा साहब ने वॉशिंग मशीन और नकद पैसे की मांग रख दी। हमने यह बात निगरानी विभाग को बताई और कार्रवाई के बाद हमें थोड़ी राहत मिली है।”

सीवान एसपी का बयान

इस मामले पर सीवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमितेश कुमार ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “निगरानी विभाग ने असाव थाना के एएसआई मिथिलेश मांझी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।”

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद सीवान समेत आसपास के थानों में भी हड़कंप मच गया है। एक ओर जहां जनता इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम मान रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग के भीतर भी खामोशी देखी जा रही है। यह मामला साबित करता है कि अब भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

 सिस्टम की सख्ती या शुरुआत?

दारोगा की गिरफ्तारी एक संकेत है कि कानून के रखवालों पर भी कानून का डंडा चल सकता है, अगर वे अपने पद का दुरुपयोग करते हैं। यह कार्रवाई न सिर्फ भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम जनता के लिए एक उम्मीद भी कि न्याय अब खरीदा नहीं जाएगा, बल्कि पाया जा सकता है।


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