
दमोह, मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता ने अपनी तीन मासूम बेटियों को पहले ज़हर खिला दिया और फिर खुद भी ज़हर निगल लिया। इस दर्दनाक घटना में चारों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना जहां समाज को सोचने पर मजबूर करती है, वहीं पारिवारिक और मानसिक तनावों की गहराई को उजागर करती है।
समोसे खिलाने के बहाने निकला था घर से
घटना शुक्रवार सुबह की है, जब गांव के रहने वाले विनोद नामक व्यक्ति ने अपनी बेटियों को बाजार में समोसे खिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया। घरवालों को यह बिल्कुल अंदेशा नहीं था कि वह ऐसी खौफनाक साजिश के साथ निकला है। तीनों बेटियां अपने पिता के साथ खुशी-खुशी रवाना हुई थीं।
तालाब से पहले हिनौता गांव गया था विनोद
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विनोद अपने पड़ोसी गजेंद्र की बाइक लेकर सबसे पहले पास के ही गांव हिनौता गया था। उसके साथ तीनों बेटियां भी थीं। वहां वह कुछ समय रुका और फिर गांव लौट आया। गांव के बाजार में पहुंचकर उसने गजेंद्र को बाइक लौटा दी और उसके बाद तीनों बेटियों को लेकर सीधे तालाब की ओर चला गया।
तालाब किनारे खौफनाक अंत
तालाब पर पहुंचने के बाद विनोद ने पहले अपनी बेटियों को ज़हर खिला दिया और फिर खुद भी ज़हर निगल लिया। कुछ ही समय में चारों की हालत बिगड़ने लगी। तालाब के पास ही मौजूद एक युवक ने जब चारों को तड़पते हुए देखा तो दौड़कर गांव पहुंचा और परिवार को सूचना दी। परिवार और गांव के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और पुलिस को भी सूचित किया गया।
अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नहीं बच सके
चारों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के लिए शवों को जिला अस्पताल भिजवाया गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस सवाल में उलझा है कि आखिर विनोद ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।
विनोद की मानसिक स्थिति थी ठीक नहीं
परिवार और पड़ोसियों के अनुसार, विनोद की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं थी। वह कई बार अकेले में बातें करता था और अवसादग्रस्त नजर आता था। हालांकि उसने ऐसा कोई इशारा नहीं दिया जिससे यह समझा जा सके कि वह अपनी और अपनी बेटियों की जिंदगी खत्म करने जैसा फैसला ले सकता है। परिवार वालों के अनुसार, आर्थिक परेशानियों के साथ-साथ पारिवारिक कलह भी उसकी चिंता की बड़ी वजह थी।
बहन के ससुराल वालों से संपर्क, हरियाणा में होगा अंतिम संस्कार
इस बीच, विनोद के परिजनों ने बताया कि उसकी बहन के ससुराल वालों से बातचीत हुई है। उन्होंने इच्छा जताई है कि अंतिम संस्कार हरियाणा में किया जाएगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन और परिजन आपसी सहमति से प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच, कई पहलुओं पर हो रही पड़ताल
दमोह पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस सामूहिक आत्महत्या की घटना की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। प्राथमिक जांच में यह पारिवारिक अवसाद और मानसिक तनाव का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस आत्महत्या के पीछे की सभी संभावित वजहों को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
गांव में पसरा मातम, लोग बोले – कुछ तो संकेत मिलते तो बच सकते थे मासूम
घटना के बाद गांव के लोग स्तब्ध हैं। हर कोई यही कह रहा है कि अगर विनोद की मानसिक हालत का अंदाजा पहले लग जाता, या उसने किसी से अपने मन की बात साझा की होती, तो शायद ये चार जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। बेटियों की उम्र भी बहुत कम थी – वे जीवन की शुरुआत ही कर रही थीं।
समाज को सोचने की ज़रूरत
यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें मानसिक स्वास्थ्य को लेकर और अधिक सजग होने की जरूरत है। लोगों के व्यवहार में बदलाव, चुप्पी और अवसाद को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है – न केवल उनके लिए, बल्कि उनके अपनों के लिए भी।