
अतुल जैन शिवपुरी। “जाको राखे साईंया, मार सके न कोई”
—यह कहावत शिवपुरी जिले के बदरवास में एक बार फिर सच साबित हुई। यहां एक तीन साल का मासूम बच्चा दो मंजिला मकान की छत से गिरने के बावजूद सुरक्षित बच गया। हालांकि उसके मुंह पर चोटें आई हैं और 6 टांके लगाए गए हैं, लेकिन यह चमत्कार ही कहा जाएगा कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद उसकी जान बच गई।
पतंग उड़ते देख छत पर चढ़ा मासूम
घटना मंगलवार शाम की है। मासूम संतू अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी उसने पड़ोसी बच्चों को छत पर पतंग उड़ाते देखा। बच्चों को देखकर वह भी उत्साहित हो गया और सीढ़ियां चढ़कर छत पर पहुंच गया। छत पर संतुलन बिगड़ने के कारण संतू सीधे नीचे जमीन पर गिर गया।
बच्चे के गिरने की आवाज और चीख सुनकर परिवार के लोग दौड़कर बाहर आए। संतू को घायल अवस्था में देखकर परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे बदरवास स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।
डॉक्टरों ने बताया स्थिर, लेकिन सतर्कता जरूरी
जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार संतू के मुंह पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके लिए 6 टांके लगाए गए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा खतरे से बाहर है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल संतू आईसीयू वार्ड में भर्ती है और उसकी स्थिति स्थिर है।
मां ने सुनाई घटना की कहानी
बच्चे की मां रेवती जाटव ने कहा, “संतू ने कभी इतनी ऊंचाई पर चढ़ने की कोशिश नहीं की थी। हमें नहीं पता था कि वह छत पर चला गया है। जब तक हम कुछ समझ पाते, वह गिर चुका था। लेकिन भगवान की कृपा से वह बच गया।”
परिजनों और डॉक्टरों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
यह घटना परिजनों और डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई का परिणाम है, जिसने मासूम की जान बचा ली। यह भी याद दिलाती है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी है।