भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र से साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी कंपनी में कार्यरत एकाउंटेंट को शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर जालसाजों ने 13 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
व्हाट्सएप ग्रुप बना ‘ठगी का अड्डा’
ठगी के शिकार हुए आदिमूलम सुरेश, जो पेशे से एकाउंटेंट हैं, ने बताया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में पहले से ही 72 सदस्य मौजूद थे, जो निवेश और भारी मुनाफे की बातें कर रहे थे। दरअसल, यह पूरा ग्रुप ही जालसाजों का एक सुनियोजित जाल था, जहाँ बाकी सदस्य भी ठगों के ही साथी हो सकते हैं जो फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए भरोसा जीतते हैं।
शुरुआत में दिया 'छोटे निवेश, बड़े रिटर्न' का झांसा
जालसाजों ने सुरेश को शुरुआत में 20 से 30 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया। भरोसा जीतने के लिए उनसे छोटी रकम निवेश कराई गई और डिजिटल वॉलेट में फर्जी मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। जब सुरेश को यकीन हो गया कि यह स्कीम असली है, तो ठगों ने उन्हें 60 प्रतिशत तक रिटर्न का सपना दिखाकर बड़े निवेश के लिए उकसाया।
किस्तों में ऐंठे 13 लाख, फिर हुए रफूचक्कर
जालसाजों के बहकावे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 13 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जैसे ही सुरेश ने यह बड़ी रकम भेजी, व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन और मुख्य आरोपियों ने उनके फोन उठाना बंद कर दिए।
धोखे की स्क्रिप्ट कुछ इस तरह चली:
फर्जी स्क्रीनशॉट: निवेश ऐप जैसा दिखने वाला इंटरफेस दिखाया गया।
दबाव: 'लिमिटेड ऑफर' और 'बड़ा जैकपॉट' के नाम पर जल्द पैसे मांगे गए।
संपर्क विच्छेद: रकम मिलते ही सुरेश को ग्रुप से बाहर (Remove) कर दिया गया।
जब पीड़ित ने खुद को ग्रुप से बाहर पाया और संपर्क के सारे रास्ते बंद देखे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत अवधपुरी थाने पहुँचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की चेतावनी: सावधान रहें भोपालवासी
अवधपुरी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद ली है। पुलिस का कहना है कि शेयर ट्रेडिंग के नाम पर इन दिनों कई फर्जी ऐप और ग्रुप सक्रिय हैं।
“कोई भी अधिकृत संस्था व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेश की सलाह नहीं देती और न ही रातों-रात पैसा डबल करने का दावा करती है।”