देवास। कहते हैं कि लालच और मजबूरी इंसान से कुछ भी करवा सकती है, लेकिन देवास में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ एक कर्मचारी ने अपनी ही शादी के पैसे जुटाने के लिए उस मालिक को लूट लिया, जिसका नमक उसने खाया था। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ईटावा में 13 दिसंबर को हुई ₹2 लाख की लूट का देवास पुलिस ने सफल पटाक्षेप कर दिया है।
वफादारी को किया शर्मसार: शादी बनी जुर्म की वजह
पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी सूरज परमार ने पूछताछ में जो खुलासा किया, उसने सबको चौंका दिया। सूरज उसी पेट्रोल पंप पर काम करता था जिसका संचालक आनंद देशमुख है। सूरज की जल्द ही शादी होने वाली थी और उसे पैसों की सख्त दरकार थी। अपनी सुख-सुविधाओं और शादी के खर्च को पूरा करने के लिए उसने किसी और को नहीं, बल्कि अपने ही मालिक को लूटने की साजिश रच डाली।
योजनाबद्ध तरीके से वारदात को दिया अंजाम
सूरज जानता था कि पंप संचालक कब और कितनी नगदी लेकर निकलते हैं। उसने अपने तीन साथियों—अरुण, मोहित और विकास के साथ मिलकर योजना बनाई। 13 दिसंबर की रात जब संचालक आनंद देशमुख नगदी लेकर जा रहे थे, तभी इन चारों ने घेराबंदी कर डरा-धमकाकर उनसे 2 लाख रुपये लूट लिए और फरार हो गए।
देवास पुलिस की बड़ी कामयाबी: 15 दिन में ‘गेम ओवर’
देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों के जाल के जरिए मात्र 15 दिनों के भीतर चारों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद किया:
* लूट की शत-प्रतिशत राशि (₹2 लाख नगद)।
* वारदात में इस्तेमाल की गई 1 मोटरसाइकिल।
संचालक ने माना पुलिस का आभार
अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर पेट्रोल पंप संचालक आनंद देशमुख ने राहत की सांस ली। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि इतनी जल्दी आरोपियों को पकड़कर पूरी राशि बरामद करना पुलिस की कार्यकुशलता का प्रमाण है।
सावधान रहें, सतर्क रहें
यह घटना उन व्यापारियों के लिए एक सबक है जो अपने कर्मचारियों पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। पुलिस ने अपील की है कि बड़ी नगदी के साथ आवाजाही करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।