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दुमका शर्मसार: बासुकीनाथ मेला घूमकर लौट रही आदिवासी किशोरी से जंगल में दरिंदगी, अपनों ने ही बुना था जाल?
दुमका: झारखंड के उपराजधानी दुमका से एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। जिस इलाके को हम बाबा बासुकीनाथ की पावन धरती के रूप में जानते हैं, वहीं एक मासूम आदिवासी किशोरी के साथ हैवानियत का नंगा नाच खेला गया। सोमवार की रात बाराटांड़ के सुनसान जंगलों में किशोरी की चीखें दबकर रह गईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश में किसी और का नहीं, बल्कि पीड़िता की अपनी चाची का नाम भी संदेह के घेरे में है।
भरोसे का कत्ल: मेले की खुशियां मातम में बदलीं
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपनी चाची के साथ बासुकीनाथ मंदिर का मेला देखने और हाट बाजार घूमने गई थी। दोनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर खुशियों के साथ घर से निकली थीं। मेले में चाची का एक परिचित युवक, विजय मुर्मू (निवासी सोनारायठाड़ी, देवघर), उनके पास पहुंचा। तीन-चार घंटे मेले का लुत्फ उठाने के बाद जब वापसी का वक्त आया, तो सोगरा मोड़ पर चाची नाश्ता लेने के बहाने उतर गईं।
चाची ने किशोरी को यह कहकर विजय के साथ भेज दिया कि वह "भरोसेमंद" है और उसे सुरक्षित घर छोड़ देगा। लेकिन वह भरोसा चंद मिनटों में ही टूट गया।
जंगल में बंधक बनाकर किया सामूहिक शोषण
आरोपी विजय मुर्मू किशोरी को घर ले जाने के बजाय बाराटांड़ के सुनसान पहाड़ी और जंगली इलाके में ले गया। वहां पहले से ही उसके दो अन्य साथी घात लगाकर बैठे थे। पीड़िता का आरोप है कि वहां उसे बंधक बना लिया गया और करीब दो-तीन घंटों तक उसके साथ दरिंदगी की गई। हैवानों ने जाते-जाते उसे जान से मारने की धमकी भी दी ताकि वह अपना मुंह न खोले।
हिम्मत जुटाकर थाने पहुंची पीड़िता
मंगलवार को पीड़िता ने डरने के बजाय न्याय की राह चुनी। उसने जरमुंडी थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। जरमुंडी थाना प्रभारी ने पुष्टि की है कि मुख्य आरोपी विजय मुर्मू की पहचान हो चुकी है और पुलिस की टीमें उसकी और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
> जांच के घेरे में चाची की भूमिका: पुलिस इस मामले में पीड़िता की चाची की भूमिका की भी सघनता से जांच कर रही है। आखिर चाची ने अनजान युवक के साथ किशोरी को अकेले क्यों छोड़ा? क्या यह कोई सोची-समझी साजिश थी? पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है।
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इलाके में आक्रोश, पुलिस की कार्रवाई तेज
इस घटना के बाद से दुमका के आदिवासी समाज और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।