विदिशा (शमशाबाद)। विदिशा जिले की शमशाबाद पुलिस ने अंतरजिला डीजल चोर गिरोह के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। महज 72 घंटों के भीतर पुलिस ने न केवल गिरोह का पर्दाफाश किया, बल्कि दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से सवा छह लाख रुपये से ज्यादा का सामान बरामद किया है। यह गिरोह रात के अंधेरे में सुनसान जगहों पर खड़ी बसों को निशाना बनाता था और पलक झपकते ही सैकड़ों लीटर डीजल पार कर देता था।
फिल्म 'धूम' के स्टाइल में देते थे वारदात को अंजाम
पकड़े गए आरोपी किसी साधारण वाहन से नहीं, बल्कि सफेद रंग की स्कॉर्पियो (MP 09 MP 0071) से डीजल चोरी करने निकलते थे। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह रात के वक्त सड़कों के किनारे या स्टैंड पर खड़ी बसों के डीजल टैंक के ताले तोड़ देता था। 13 और 14 जनवरी की दरमियानी रात इन्होंने शमशाबाद बस स्टैंड पर खड़ी 'शक्ति ट्रांसपोर्ट' की एक साथ 5 बसों को अपना निशाना बनाया। चोरों ने शातिराना अंदाज में 810 लीटर डीजल उड़ा लिया, जिसकी बाजार में कीमत करीब 75,273 रुपये है।
180 कैमरों ने खोला राज: खाकी का चक्रव्यूह
वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने इसे चुनौती के रूप में लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे और एसडीओपी लटेरी अमरेश बोहरे के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया।
पुलिस ने शमशाबाद से लेकर रायसेन की सीमाओं तक लगभग 180 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और आखिरकार वह सफेद स्कॉर्पियो पुलिस की रडार पर आ गई, जो वारदात के समय इलाके में संदिग्ध अवस्था में घूम रही थी।
रायसेन के निकले मास्टरमाइंड चोर
पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को दबोचा, जिनकी पहचान अफताफ उर्फ फईम खां (27 वर्ष, निवासी सलामतपुर) और इंदर सिंह उर्फ नोनीत (42 वर्ष, निवासी रायसेन कोतवाली) के रूप में हुई है। आरोपियों ने कबूल किया कि वे कम समय में अमीर बनने के चक्कर में चोरी का डीजल सस्ते दामों में बेच दिया करते थे।
जप्त किया गया सामान (कुल कीमत ₹6,25,273):
* वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन: ₹5,50,000/-
* चोरी किया गया डीजल: ₹75,273/-
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस बड़े खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार के साथ सहायक उप निरीक्षक मानसिंह यादव, प्रधान आरक्षक अरुण द्विवेदी और आरक्षक दिलीप ठाकुर, अजीत सिंह, दीपक पाल व गजराज दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस मुस्तैदी की पूरे जिले में सराहना हो रही है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में तेल की चोरी ने बस मालिकों की नींद उड़ा दी थी।