
नैनपुर (मंडला)। मध्य प्रदेश के मंडला जिले के नैनपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में हुए लाखों के गबन मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शिक्षा विभाग की साख पर बट्टा लगाने वाले 33 लाख 61 हजार रुपये के इस सनसनीखेज घोटाले के मुख्य आरोपी लेखापाल सुरेश तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कई दिनों से फरार चल रहे इस आरोपी को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
कैसे हुआ करोड़ों का 'खेल'?
यह पूरा मामला साल 2018 से 2022 के बीच का है। जांच में सामने आया कि लेखापाल सुरेश तिवारी ने बड़ी ही चालाकी से सरकारी सिस्टम की खामियों का फायदा उठाया। आरोपी ने कोषालय ई-भुगतान प्रणाली (Treasury e-Payment System) का दुरुपयोग करते हुए निम्नलिखित मदों में हेराफेरी की:
सातवें वेतनमान का एरियर: शिक्षकों के हक का पैसा डकार लिया गया।
स्थानांतरित शिक्षकों का वेतन: ट्रांसफर हो चुके शिक्षकों के नाम पर फर्जी बिल बनाए गए।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की राशि: रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों में भी सेंधमारी की गई।
परिवार के खातों का किया इस्तेमाल, रची गहरी साजिश
आरोपी सुरेश तिवारी की कार्यप्रणाली देख जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। उसने सरकारी खजाने से पैसा निकालने के लिए एक ही कर्मचारी के नाम पर दो अलग-अलग बैंक खाते दर्ज किए। असलियत में, इनमें से एक खाता संबंधित कर्मचारी का होता था, जबकि दूसरा खाता आरोपी के परिवार के सदस्यों का था।
पुलिस जांच के अनुसार, गबन की गई यह बड़ी राशि सुरेश तिवारी की पत्नी और बेटी के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। हालांकि, आरोपी की पत्नी और बेटी को माननीय उच्च न्यायालय (High Court) से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
पूर्व BEO भी घेरे में, पुलिस और प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
इस मामले की आंच सिर्फ लेखापाल तक ही सीमित नहीं है। पुलिस ने तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) छोटेलाल पटेल को भी इस घोटाले में सह-आरोपी बनाया है। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही के बिना इतना बड़ा गबन मुमकिन नहीं था।
23 मार्च की शाम को पुलिस ने दबिश देकर आरोपी लेखापाल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस और तहसीलदार की टीम ने कार्यालय पहुंचकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। कई अहम फाइलें और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जो कोर्ट में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत बनेंगे।
न्यायालय में पेशी और आगे की राह
पकड़े गए मुख्य आरोपी सुरेश तिवारी को पुलिस द्वारा मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस कोर्ट से आरोपी की और रिमांड मांग सकती है ताकि इस घोटाले की गहराई और इसमें शामिल अन्य चेहरों का पता लगाया जा सके। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।