
छतरपुर, मध्य प्रदेश। छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर परिषद क्षेत्र में मंगलवार को एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया और स्वच्छता अभियान की जिम्मेदारी पर एक नई बहस छेड़ दी। नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) शैलेंद्र सिंह ने सरेआम एक बीजेपी नेता को सफाई के नियमों का उल्लंघन करने पर ऐसा सबक सिखाया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
घटना दिवाली के तुरंत बाद की है, जब नगर में साफ-सफाई को लेकर विशेष ड्राइव चल रही है। हरपालपुर के पूर्व मंडल अध्यक्ष बताए जा रहे एक बीजेपी नेता ने दिवाली के बाद का ढेर सारा कचरा, जिसमें आतिशबाजी और अन्य अपशिष्ट शामिल थे, अपने घर के बाहर निकालकर सड़क पर ही फेंक दिया।
ठीक उसी समय नगर का निरीक्षण कर रहे CMO शैलेंद्र सिंह की नजर उस कचरे पर पड़ी। CMO ने तत्काल अपनी गाड़ी रुकवाई। सड़क पर कचरा देखकर वह बेहद नाराज हुए। उन्होंने बिना देर किए नगर परिषद के कर्मचारियों को बुलाया और आदेश दिया कि वह कचरा उसी बीजेपी नेता के घर के अंदर वापस फिंकवा दिया जाए, जिन्होंने उसे सड़क पर फेंका था।
CMO और नेताजी के बीच तीखी नोकझोंक
CMO के इस अप्रत्याशित कदम से मौके पर हड़कंप मच गया। जब कर्मचारियों ने कचरा उठाकर नेताजी के घर के अंदर फेंकना शुरू किया, तो नेताजी घर से बाहर निकले। इसके बाद, सड़क पर ही CMO शैलेंद्र सिंह और बीजेपी नेता के बीच कड़ी नोकझोंक शुरू हो गई।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नेताजी इस कार्रवाई पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए CMO पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा, “अगर हमारे साथ ऐसा हो सकता है, तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा? यह तो हद है!”
इस पर CMO शैलेंद्र सिंह ने दबंग लहजे में जवाब दिया। उन्होंने दो टूक कहा, "कानून सबके लिए बराबर है, चाहे आप आम नागरिक हों या फिर कोई नेता। सड़क पर कचरा फेंकना नियमों का उल्लंघन है और यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" CMO अपने फैसले पर अडिग रहे और कचरा नेताजी के घर के अंदर फिंकवाकर ही वहां से गए।
CMO की हुई तारीफ, नेताजी पर उठे सवाल
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया है। एक तरफ नेटिज़न्स CMO शैलेंद्र सिंह की सख्ती और ईमानदारी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि दबंग नेता को सबक सिखाने के लिए ऐसे ही कड़क अफसर की जरूरत है।
वहीं, दूसरी ओर, नेताजी की इस हरकत पर जनता और स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है, "जो लोग खुद जनता को नियमों का पालन करने की सीख देते हैं, वही अगर सड़क पर कचरा फेंककर नियमों को तोड़ेंगे, तो हमारा शहर साफ कैसे होगा?" लोगों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी आम जनता से ज़्यादा होती है।
अब आगे क्या? शिकायत और कार्रवाई की तैयारी
CMO शैलेंद्र सिंह के इस साहसिक कदम को लेकर हरपालपुर नगर परिषद में हर जगह चर्चा हो रही है। लोग इसे व्यवस्था को सही दिशा में ले जाने वाला कदम बता रहे हैं।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। उधर, बीजेपी नेता ने CMO की इस कार्रवाई को अपना "अपमान" बताया है। उन्होंने कहा है कि वह इस प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे और CMO के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करेंगे।
इस पूरी घटना ने नगर परिषद प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच साफ-सफाई को लेकर जिम्मेदारी और जवाबदेही की एक बड़ी बहस छेड़ दी है। यह स्पष्ट है कि स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए नेता हो या आम नागरिक, नियम सबको मानने होंगे।