
📰 विदिशा……सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले की एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय के आकस्मिक विभाग (Emergency Ward) में बुधवार की रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के लिए आई एक मरीज के साथ आए दर्जनों परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ न सिर्फ मारपीट की, बल्कि अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ भी की। इस हमले में एक डॉक्टर और तीन नर्सिंग स्टाफ को गंभीर चोटें आई हैं।
⚠️ इलाज के दौरान हिंसक हुई भीड़
मिली जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय मरीज सुल्ताना बी अपने घर में गिरने से आई चोटों के इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड में आई थीं। उनके साथ उनके परिजन फारुख सहित लगभग 8 से 10 लोगों की एक बड़ी भीड़ भी मौजूद थी। जब ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक मरीज की जांच कर रहे थे और उनके आंतरिक चोटों (होंठ के अंदर) को देखने के लिए मुंह खुलवाने की कोशिश कर रहे थे, तभी साथ आए परिजन अचानक हिंसक हो गए।
उन्होंने डॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और देखते ही देखते यह हाथापाई में बदल गई। भीड़ ने बेखौफ होकर चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की। इस अप्रत्याशित हमले में एक डॉक्टर और तीन नर्सिंग स्टाफ को चोटें आई हैं।
🚨 तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति का नुकसान
उपद्रवी भीड़ यहीं नहीं रुकी। उन्होंने अस्पताल की सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया। आकस्मिक विभाग में तोड़फोड़ की गई, जिसके चलते कई दवाइयाँ और इंजेक्शन की ट्रॉली गिरा दी गईं, जिससे जरूरी दवाइयाँ फूट गईं और बर्बाद हो गईं। भीड़ ने अस्पताल का मुख्य दरवाजा भी तोड़ डाला। सरकारी संपत्ति को इस तरह नुकसान पहुँचाने से अस्पताल प्रशासन को भारी क्षति हुई है।
🚫 इलाज बाधित, पुलिस हस्तक्षेप
अस्पताल स्टाफ के साथ मारपीट और कार्य में बाधा उत्पन्न करने के कारण इमरजेंसी वार्ड में अन्य गंभीर मरीजों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई और मरीजों की जान पर बन आई। हालात बेकाबू होते देख, अस्पताल प्रशासन को तत्काल पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस बल ने पहुंचकर उपद्रवी भीड़ को नियंत्रित किया और उन्हें अस्पताल से बाहर निकाला।
✔️ मरीज की स्थिति सामान्य
इस पूरे हंगामे के बावजूद, मरीज सुल्ताना बी को आवश्यक इलाज दिया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल मरीज की स्थिति सामान्य और स्थिर है। पुलिस ने सरकारी ऑन-ड्यूटी चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और कार्य में बाधा डालने के आरोप में उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्यूटी के दौरान इस तरह के हमले न सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों के मनोबल को तोड़ते हैं, बल्कि चिकित्सा सेवाओं को भी बुरी तरह प्रभावित करते हैं।