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सागर में EOW का बड़ा एक्शन: 50 हजार की रिश्वत लेते सहकारिता संयुक्त संचालक गिरफ्तार!

2025-07-23  Editor Shubham Jain  842 views

ImgResizer_20250723_2111_42601सागर, [23/07/2025]: भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखते हुए, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) सागर इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सहकारिता विभाग के संयुक्त संचालक शिवेंद्र देव पांडेय को उनके ही कार्यालय में एक आवेदक से 50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में EOW की प्रतिबद्धता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

छतरपुर के आवेदक से मांगी थी रिश्वत

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला छतरपुर जिले से जुड़ा है। छतरपुर के एक आवेदक ने EOW सागर में शिकायत दर्ज कराई थी कि सहकारिता विभाग के संयुक्त संचालक शिवेंद्र देव पांडेय उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह रिश्वत सेल्समैन के पद पर अनुशंसा करने के एवज में मांगी जा रही थी। भ्रष्टाचार की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए EOW ने तत्काल एक सुनियोजित जाल बिछाने की तैयारी शुरू कर दी।

EOW की टीम ने कार्यालय में ही दबोचा

सोमवार को EOW की टीम ने पूरी तैयारी के साथ संयुक्त संचालक शिवेंद्र देव पांडेय के सागर स्थित कार्यालय में दबिश दी। जैसे ही आवेदक ने संयुक्त संचालक को रिश्वत की तय राशि 50,000 रुपये दिए, EOW की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। शिवेंद्र देव पांडेय को रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद EOW अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की।

भ्रष्टाचार पर EOW का निरंतर प्रहार

यह पहली बार नहीं है जब EOW ने भ्रष्टाचार के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई की है। हाल के दिनों में EOW ने कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर लगातार काम किया जा रहा है। EOW के इस तरह के अभियान से सरकारी विभागों में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जनता की भागीदारी जरूरी

भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने के लिए जनता की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। EOW और अन्य भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियां तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकती हैं जब नागरिक निडर होकर भ्रष्टाचार की शिकायतें दर्ज कराएं। यह मामला भी इसी बात का प्रमाण है कि एक जागरूक नागरिक की शिकायत पर कितनी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। EOW ने एक बार फिर संदेश दिया है कि रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध हैं, और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आगे की कानूनी कार्रवाई

शिवेंद्र देव पांडेय की गिरफ्तारी के बाद अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। EOW की टीम इस मामले में और भी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इस रैकेट में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। इस मामले की विस्तृत जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।

Vidishabharti.com पर हम आपको इस खबर से जुड़े सभी अपडेट्स देते रहेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में हम सभी को मिलकर काम करना होगा ताकि एक स्वच्छ और ईमानदार व्यवस्था का निर्माण हो सके।


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