
सांची। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के सांची-विदिशा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है। सांची के प्रसिद्ध होटल 'श्री तारा' में सेकंड मैनेजर के रूप में पदस्थ 33 वर्षीय सौरभ यादव की एक सड़क दुर्घटना में असमय और दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस खबर के फैलते ही पूरे क्षेत्र और होटल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम गुलगांव के निवासी सौरभ यादव (पिता बृजमोहन यादव) सांची-विदिशा मार्ग पर स्थित होटल श्री तारा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बीती रात वह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रोजाना की तरह मोटरसाइकिल से अपने घर गुलगांव लौट रहे थे।
जब वह गुलगांव के पास पटकुइयां पुलिया के समीप पहुंचे, तभी उनकी मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि सौरभ को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर पहुंची पुलिस के अनुसार, चोट इतनी गहरी थी कि सौरभ की घटनास्थल पर ही सांसें थम गईं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही हादसे की सूचना गांव और परिजनों तक पहुंची, मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में डायल 112 की मदद से सौरभ को सांची के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस खबर ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया है। घर के चिराग की इस तरह असमय विदाई से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सांची थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने अस्पताल में शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और फिर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सही कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या बाइक किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से अनियंत्रित हुई या कोई और तकनीकी कारण रहा।
होटल स्टाफ और गांव में पसरा सन्नाटा
सौरभ यादव अपने मिलनसार स्वभाव के लिए होटल स्टाफ और ग्रामीणों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके निधन की खबर से होटल श्री तारा के कर्मचारियों में भी गहरा दुख है। उनके सहकर्मियों का कहना है कि सौरभ न केवल एक कुशल मैनेजर थे, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी थे।
> नोट: सांची-विदिशा हाईवे पर रात के समय अक्सर तेज रफ्तार और अंधेरा दुर्घटनाओं का सबब बनता है। प्रशासन से अपील है कि ऐसे डार्क स्पॉट्स पर रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।