सांची। रायसेन जिले की सांची पुलिस ने नए साल की शुरुआत में ही अपराधियों की कमर तोड़ दी है। कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले शातिर वाहन चोरों पर करारा प्रहार करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी बाजार में कीमत करीब 5 लाख रुपये आंकी गई है।
कैसे शुरू हुई तफ्तीश?
इस पूरे मामले का खुलासा विदिशा निवासी विनय शंकर मिश्रा की एक शिकायत से हुआ। 30 दिसंबर 2025 को जब विनय मेहगांव स्थित बालाजी धाम मंदिर में दर्शन करने गए थे, तब उनकी 'बजाज डिस्कवर' बाइक चोरी हो गई थी। 1 जनवरी 2026 को सांची थाने में मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने धारा 303(2) BNS के तहत केस दर्ज कर अपराधियों की तलाश के लिए जाल बिछाया।
CCTV और मुखबिरों का जाल: ऐसे फंसा ‘मास्टरमाइंड’
पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता और एसडीओपी नीलम चौधरी के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। टीम ने मंदिर और आसपास के रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। शक की सुई अवध नारायण शर्मा पर जाकर टिकी। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने एक के बाद एक कई राज उगल दिए।
चोरी की बाइक और कबाड़ का कनेक्शन
आरोपी अवध नारायण ने कबूल किया कि वह केवल सांची ही नहीं, बल्कि विदिशा और देहगांव क्षेत्र से भी गाड़ियां उड़ाता था। उसने बताया कि वह चोरी की गई बाइक भोपाल के कबाड़ी समीर मंसूरी को बेचता था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कबाड़ी को भी दबोच लिया। आरोपियों के पास से भोपाल और अन्य क्षेत्रों से चोरी की गई कुल 10 बाइक जब्त की गई हैं।
गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल:
* अवध नारायण शर्मा (33 वर्ष): निवासी बेस दरवाजा, विदिशा (मुख्य आरोपी)
* समीर मंसूरी (24 वर्ष): निवासी विदिशा (कबाड़ी - चोरी का माल खरीदने वाला)
इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने मारी बाजी
इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी जयप्रकाश त्रिपाठी की नेतृत्व वाली टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में एएसआई चंद्रपाल, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिंह, ध्रुव सिंह, सुरेश गोहे, सुनील लोधी और आरक्षक मिथुन, शैलेंद्र सोलंकी सहित महिला आरक्षक शिवानी और पूजा रघुवंशी ने सराहनीय भूमिका निभाई।
जनता में बढ़ा विश्वास, चोरों में खौफ
सांची पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के वाहन चोरों में हड़कंप मच गया है। मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस सफलता पर खुशी जाहिर की है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा