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सांची में भक्ति का शंखनाद: गणेश पूजन के साथ भव्य रामलीला मेले का आगाज, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

2025-12-23  Raisen Waseem kureshi  355 views

ImgResizer_20251223_1125_26922सांची। विश्व प्रसिद्ध स्तूपों की नगरी सांची इन दिनों भक्ति और उत्सव के रंग में सराबोर है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन गाथा को जीवंत करने वाला पारंपरिक रामलीला मेला आज 22 दिसंबर से विधिवत शुरू हो गया है। मेले का शुभारंभ मंगलमूर्ति भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना और भव्य शोभायात्रा के साथ किया गया।

गणेश वंदना से हुई मंगल शुरुआत

हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य से पहले विघ्नहर्ता की पूजा की जाती है। इसी कड़ी में सांची की रामलीला मेला समिति ने शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान गणेश का आह्वान किया। इसके बाद नगर में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखध्वनि और 'जय श्री राम' के उद्घोष से पूरा सांची नगर गुंजायमान हो उठा। इस दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था; फूलों की वर्षा और भजनों ने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।

10 जनवरी तक बहेगी रामकथा की गंगा

रामलीला मेला समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि यह धार्मिक महोत्सव 10 जनवरी तक अनवरत चलेगा। मेले के मुख्य आकर्षण का केंद्र प्रतिदिन होने वाला 'रामलीला मंचन' होगा। इसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा भगवान राम के जन्म से लेकर रावण वध और राज्याभिषेक तक के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

मेले की प्रमुख विशेषताएं:

 * स्थानीय प्रतिभाओं का संगम: वर्षों से इस मंच पर स्थानीय कलाकार अपनी कला के जरिए धर्म और संस्कृति का संरक्षण कर रहे हैं।

 * सांस्कृतिक धरोहर: यह मेला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को हमारी गौरवशाली मर्यादाओं से परिचित कराने का माध्यम है।

 * व्यापार और उत्साह: मेले में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए झूलों, खान-पान के स्टॉल और घरेलू सामानों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

सामाजिक समरसता का प्रतीक है यह आयोजन

सांची का यह रामलीला मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल है। मेला समिति के सदस्यों के अनुसार, इस आयोजन में नगर का हर वर्ग और समुदाय अपनी भागीदारी सुनिश्चित करता है। ग्रामीण अंचलों से आने वाले हजारों श्रद्धालु न केवल रामलीला का आनंद लेते हैं, बल्कि आपसी मेल-जोल से इस उत्सव को और भी भव्य बना देते हैं।

सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम

बढ़ती भीड़ और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रामलीला मेला समिति और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के लिए वॉलिंटियर्स की तैनाती की गई है। समिति के सदस्यों ने नगरवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ उठाएं और सांची की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनें।


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