
वसीम कुरेशी साँची विश्व प्रसिद्ध बौद्ध नगरी साँची... जहां की पावन धरती पर हर साल लाखों पर्यटक और श्रद्धालु आस्था और इतिहास का संगम महसूस करने आते हैं, वहां अब एक बार फिर से रेल की सीटी की गूँज सुनने की उम्मीद जगी है। कोरोना काल में रुकी हुई ट्रेनों को दोबारा चलाने और दो नई ट्रेनों को यहाँ से जोड़ने की मांग ने पूरे शहर में जोर पकड़ लिया है।
साँची के ऊर्जावान नगर परिषद अध्यक्ष पप्पूरेवाराम अहिरवार ने इस जरूरी मुद्दे को रायसेन विधायक और मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी तक पहुँचाया। जनता की इस मजबूत भावना को डॉ. चौधरी ने सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि इसे अपना कर्तव्य मानकर तुरंत इस पर काम करना शुरू कर दिया।
जनहित की पहल: डीआरएम और सांसद को लिखे गए पत्र
डॉ. चौधरी ने भोपाल मंडल के डी.आर.एम. (Divisional Railway Manager) कार्यालय में खुद जाकर एक लिखित पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने कोरोना काल से बंद पड़ी कुछ ट्रेनों का ठहराव फिर से शुरू करने और दो नई ट्रेनों को साँची स्टेशन पर रोकने का आग्रह किया। डी.आर.एम. ने भी इस जनहितकारी मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और संतोषजनक आश्वासन दिया कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
यही नहीं, डॉ. चौधरी ने विदिशा-रायसेन लोकसभा क्षेत्र के सांसद शिवराज सिंह चौहान को भी पत्र लिखकर साँची के महत्व और इन रेल ठहरावों की अनिवार्यता से अवगत कराया। यह दर्शाता है कि स्थानीय नेताओं ने इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लिया है।
साँची के लिए क्यों है यह जरूरी?
साँची सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि यह दुनिया भर के बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। यहाँ का प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। ऐसे में, बेहतर रेल कनेक्टिविटी यहाँ आने वाले पर्यटकों, शोधार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत होगी। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जिन ट्रेनों के ठहराव की मांग की जा रही है, उनमें कई महत्वपूर्ण गाड़ियाँ शामिल हैं, जैसे:
* 11057 अमृतसर एक्सप्रेस
* 16031 चेन्नई सेंट्रल एक्सप्रेस
इसके अलावा, जिन दो नई ट्रेनों के लिए माँग उठी है, वे हैं:
* 12918 ग्वालियर इंटरसिटी
* 12616 ग्रांड ट्रंक एक्सप्रेस
साँची के नागरिकों का मानना है कि इन ट्रेनों के ठहराव से यह शहर और भी ज्यादा सुलभ हो जाएगा और इसकी वैश्विक पहचान में चार चाँद लग जाएंगे। यह कदम साँची की प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
नागरिकों ने नगर परिषद अध्यक्ष पप्पूरेवाराम अहिरवार और विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी के इस प्रयास की जमकर सराहना की है। यह साफ है कि जब जनप्रतिनिधि जनता के साथ मिलकर काम करते हैं, तो विकास की नई राहें अपने आप खुल जाती हैं।