
जम्मू-कश्मीर: 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के जश्न से पहले सीमा पार बैठा दुश्मन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ में अचानक तेजी आई है। पिछले 24 घंटों के भीतर अलग-अलग इलाकों में कुल 5 पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं, जिसके बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरी घाटी और सीमावर्ती इलाकों में 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया है।
नौशेरा में सेना ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में उस समय हड़कंप मच गया जब शाम करीब 6:35 बजे गनिया-कलसियान गांव के ऊपर एक संदिग्ध ड्रोन मंडराता दिखा। मुस्तैद जवानों ने बिना वक्त गंवाए मशीन गनों से फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय सेना की आक्रामकता देख ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर भाग खड़ा हुआ। इसके कुछ ही देर बाद राजौरी के ही तेरियाथ (खब्बर गांव) में भी एक ड्रोन की हलचल दर्ज की गई।
सांबा और पुंछ में भी दिखी संदिग्ध गतिविधि
ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिशें केवल राजौरी तक सीमित नहीं रहीं:
* सांबा: रामगढ़ सेक्टर के चक बाबराल गांव में शाम 7:15 बजे एक उड़ती हुई संदिग्ध वस्तु कई मिनटों तक आसमान में मंडराती रही।
* पुंछ: मनकोट सेक्टर में शाम 6:25 बजे नियंत्रण रेखा के बिल्कुल करीब एक और ड्रोन देखा गया।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ड्रोन्स का इस्तेमाल या तो हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा है या फिर गणतंत्र दिवस से पहले भारतीय ठिकानों की रेकी (Spying) की जा रही है।
सांबा में गिराई हथियारों की खेप: बड़ी साजिश नाकाम
पाकिस्तानी साजिश का सबसे बड़ा सबूत सांबा जिले के घगवाल (पलोरा गांव) में मिला। शुक्रवार रात को सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन द्वारा गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की। इस बरामदगी ने सुरक्षा बलों के कान खड़े कर दिए हैं।
बरामद सामान की लिस्ट:
* दो अत्याधुनिक पिस्तौल
* तीन मैगजीन
* 16 जिंदा राउंड
* एक हैंड ग्रेनेड
यह खेप सीमा पार बैठे आकाओं द्वारा स्थानीय आतंकियों या उनके मददगारों (OGWs) तक पहुंचाने के लिए भेजी गई थी, जिसे समय रहते जब्त कर लिया गया।
अखनूर में पकड़ा गया 'जासूसी कबूतर', पैरों पर लिखे मिले कोड
हवा में केवल ड्रोन ही नहीं, बल्कि परिंदों के जरिए भी संदेश भेजने की कोशिश हो रही है। अखनूर सेक्टर के कराह गांव में आर्यन नाम के एक लड़के ने एक संदिग्ध कबूतर पकड़ा। इस कबूतर की जांच करने पर सुरक्षा बल भी हैरान रह गए।
* बायां पैर: लाल अंगूठी, जिस पर 'रहमत सरकार' और एक पाकिस्तानी मोबाइल नंबर अंकित था।
* दायां पैर: पीली अंगूठी, जिस पर 'रिजवान 2025' लिखा था।
* पंखों पर मुहर: कबूतर के पंखों पर पाकिस्तान के शहर नौशेरा के 'नौशेरा आलिंग कबूतर क्लब' की मुहर लगी है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इस कबूतर का इस्तेमाल किसी कोड वर्ड या जासूसी संदेश को पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।
सुरक्षा चाक-चौबंद: चप्पे-चप्पे पर पहरा
पाकिस्तानी हरकतों को देखते हुए सेना और BSF ने बॉर्डर पर 'ऑपरेशन अलर्ट' जैसी मुस्तैदी दिखाई है। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है और नाइट विजन कैमरों के जरिए रात के अंधेरे में भी आसमान पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि गणतंत्र दिवस के शांतिपूर्ण आयोजन में खलल डालने वाली किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।