
वसीम कुरेशी सांची, रायसेन: रायसेन जिले में नकली खाद के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान जागृति संगठन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कृषि विभाग के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
कैसे चल रहा है नकली खाद का गोरखधंधा?
किसान जागृति संगठन के जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह यादव और संगठन कार्यालय प्रभारी विजय चौकसे ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि रायसेन जिले में नकली खाद का यह अवैध कारोबार जोर-शोर से चल रहा है। ये कारोबारी खाद विक्रय केंद्रों पर जाकर सीधे किसानों से संपर्क करते हैं और उन्हें डीएपी खाद उपलब्ध कराने का झांसा देते हैं। किसानों को अपने जाल में फंसाकर, ये उन्हें गांव में ही नकली खाद उपलब्ध करा देते हैं।
हाल ही में, ग्राम बागौद के किसानों ने रंजीत यादव को सूचना दी कि उनके गांव में किसानों को नकली डीएपी खाद बेची जा रही है। यह जानकारी सामने आने के बाद संगठन ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है।
कृषि विभाग पर मिलीभगत का आरोप
किसान जागृति संगठन ने चौंकाने वाला दावा किया है कि यह नकली खाद का कारोबार रायसेन जिला मुख्यालय पर पिछले 7-8 सालों से चल रहा है। खाद विक्रय केंद्रों पर खाद की किल्लत होने के कारण किसानों को आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, जिसका फायदा उठाकर नकली खाद बेचने वाले चांदी काट रहे हैं।
संगठन ने कृषि विभाग के अधिकारियों की कार्य के प्रति उदासीनता और लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। रणजीत यादव ने साफ तौर पर कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नकली खाद के इस बड़े कारोबार में कृषि विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत है, जिसके कारण यह धंधा बेखौफ चल रहा है।
भोपाल तक जुड़े हैं तार, रासुका की मांग
किसान जागृति संगठन के अनुसार, नकली खाद का यह कारोबार एक बड़े सिस्टम का हिस्सा है। रायसेन में तो सिर्फ इसका विक्रय ही किया गया है, लेकिन इसके तार बहुत दूर-दूर तक फैले हुए हैं। ग्राम बागौद में जब्त की गई डीएपी खाद के तार तो राजधानी भोपाल से भी जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
किसान जागृति संगठन ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच करने और दोषियों के खिलाफ रासुका जैसी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस बड़े खुलासे के बाद क्या कदम उठाता है और कब तक इन नकली खाद के सौदागरों पर नकेल कसी जाती है।