अशोकनगर जिले के ईसागढ़ कृषि मंडी में गुरुवार को एक 'खास पकवान' तैयार हो रहा था। मेन्यू में था 15 हजार रुपये की 'मलाईदार रिश्वत', जिसे सहायक मंडी उपनिरीक्षक महेंद्र कनेरिया चटकारे लेकर लेने ही वाले थे कि अचानक लोकायुक्त की टीम ने उनका 'भोजन' छीन लिया!
सूत्रों के अनुसार, साहब ने पहले 20 हजार रुपये की 'डिश' ऑर्डर की थी, लेकिन बाद में 'सेटलमेंट' करके 15 हजार में 'डिनर' फाइनल कर लिया। पर अफसोस! 'भोजन' परोसने से पहले ही लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष की शिकायत पर लोकायुक्त ने पूरा जाल बिछाया था। जब साहब ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, तभी 'कैमरा... एक्शन!' की तर्ज पर लोकायुक्त टीम ने उन्हें धर दबोचा। अब रिश्वतखोर बाबू के लिए शाम तक 'कार्रवाई का तंदूर' गर्म रहेगा।
जनता से अपील – 'रिश्वतखोरी का तड़का' कहीं भी लगे, तुरंत सूचना दें!
अगर आपके आस-पास भी कोई 'भ्रष्टाचार की रेसिपी' तैयार कर रहा हो, तो बिना देर किए लोकायुक्त को खबर करें, ताकि ऐसे 'भ्रष्ट रसोइयों' की दुकान हमेशा के लिए बंद हो सके!