
दमोह जिले के पटेरा जनपद पंचायत कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने सीईओ भूर सिंह रावत को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह रकम एक सरपंच से पंचायत में हुए विकास कार्यों के भुगतान के बदले मांगी गई थी।
शिकायत से लेकर ट्रैप तक का सफर
लोकायुक्त डीएसपी मंजू सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत कुटरी के सरपंच रामकुमार मिश्रा ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के अनुसार, पंचायत में हुए विकास कार्यों के भुगतान के एवज में सीईओ भूर सिंह रावत ने 10% कमीशन की मांग की थी।
शिकायत की जांच और पुष्टि के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को पटेरा जनपद पंचायत कार्यालय में ट्रैप लगाकर सीईओ को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
टीम ने बिछाया जाल
इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी मंजू सिंह ने किया। उनके साथ डीएसपी बीएम द्विवेदी और लोकायुक्त स्टाफ ने मिलकर सीईओ को पकड़ने की रणनीति बनाई। जैसे ही सरपंच रामकुमार मिश्रा ने रिश्वत की रकम सीईओ को सौंपी, लोकायुक्त टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
सरकार पर सवाल
इस घटना ने सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जनता ने इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसे कदमों से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए सतर्कता और सक्रियता जरूरी है।