
बरसते पानी में पत्रकार एकता की मशाल! 35-40 वाहनों की रैली ने बांधा समा, दिग्गजों का सम्मान, भविष्य की पत्रकारिता पर मंथन!
राजगढ़ ब्यावरा, मध्य प्रदेश के पत्रकारिता जगत में आज एक ऐतिहासिक और ऊर्जावान हलचल देखी गई, जिसने भविष्य की पत्रकारिता की दिशा और दशा को लेकर गंभीर विमर्श छेड़ दिया। जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ़ मध्यप्रदेश (जंप) की प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक और संभागीय पत्रकार कार्यशाला का आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और आने वाले डिजिटल युग में उनकी भूमिका को लेकर एक बुलंद आवाज का उद्घोष था। मालवा के ब्यावरा राजगढ़ की धरती ने इस पत्रकार महाकुंभ की साक्षी बनकर इतिहास रच दिया, जहां बारिश की फुहारों ने भी पत्रकारों के जोश को कम नहीं होने दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जंप के प्रांताध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने अपनी बुलंद आवाज में एक ही नारा दोहराया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद हर पत्रकार के दिल में आग भर दी – पत्रकार सुरक्षा कानून हर हाल में लागू हो!
डॉ. सक्सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि पत्रकारों का अधिकार है, जिसकी सुरक्षा सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर चिंता जताते हुए कहा कि संभवतः कानून लागू करने में कुछ तकनीकी बाधाएं हो सकती हैं, लेकिन सरकार को इनका समुचित निराकरण कर अविलंब यह कानून लागू करना चाहिए। उनके इस आह्वान ने पूरे सभागार को ऊर्जा से भर दिया और एक बार फिर यह संदेश स्पष्ट हो गया कि पत्रकार अपनी सुरक्षा और अधिकारों को लेकर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राज्यसभा टीवी के संपादक-निदेशक और देश के जाने-माने पत्रकार राजेश बादल ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से डिजिटल पत्रकारिता के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि आने वाला समय डिजिटल पत्रकारिता का है और यह क्षेत्र असीमित संभावनाओं से भरा है। बादल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी विस्तार से बात करते हुए बताया कि यह एक भावना रहित मशीनरी सॉफ्टवेयर है, जो मानव मस्तिष्क का अध्ययन कर सोचे गए कार्य को करने पर प्रेरित करती है। उनका यह विश्लेषण न केवल सूचनाप्रद था, बल्कि पत्रकारों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार रहने का भी संदेश था। उन्होंने डिजिटल क्रांति को पत्रकारिता के लिए एक वरदान बताया, बशर्ते पत्रकार नवीनतम तकनीकों को अपनाकर अपनी दक्षता बढ़ाएं।
भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस) के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नवीन आनंद जोशी ने मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग की पत्रकार हितैषी योजनाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने गर्व से कहा कि बीएसपीएस इन योजनाओं, चाहे वह श्रद्धा निधि का मामला हो, पत्रकार सुरक्षा बीमा योजना हो या अन्य कल्याणकारी योजनाएं हों,को पूरे देश में लागू करवाने के लिए प्रयासरत है। डॉ. जोशी ने स्पष्ट किया कि यदि इन योजनाओं को संपूर्ण प्रदेश में लागू करवाने के लिए आवश्यक हुआ तो वे आंदोलन का सहारा लेने से भी नहीं हिचकेंगे। उनका यह बयान न केवल मध्य प्रदेश के पत्रकारों के लिए गर्व का विषय था, बल्कि देश के अन्य राज्यों के पत्रकारों के लिए भी एक उम्मीद की किरण जगाने वाला था।
वरिष्ठ पत्रकारों का चिंतन-प्रिंट मीडिया का अमरत्व और डिजिटल की गति!
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्याम चौरसिया, वरिष्ठ पत्रकार कमल खस और मुकेश सक्सेना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विशेष रूप से, डिजिटल खबरों के पहले आने पर वरिष्ठ पत्रकार गोविंद बड़ोने
का विश्लेषण बेहद सटीक था। उन्होंने कहा कि भले ही डिजिटल खबरें पहले आ जाएं, लेकिन प्रिंट मीडिया को उन खबरों को विश्लेषित करने का समुचित मौका मिलता है। यह टिप्पणी इस बात को रेखांकित करती है कि डिजिटल युग में भी प्रिंट मीडिया का अपना एक अनूठा महत्व और स्थान है, जहां खबरों की गहराई और विश्लेषण ही उसकी पहचान है।
बारिश में भी पत्रकार एकता का भव्य प्रदर्शन!
कार्यक्रम का भव्य आगाज़ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। लेकिन इससे पहले, गुना बाईपास चौराहे पर महापुरुष नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद प्रदेश भर से आए पत्रकारों ने संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर, स्वामी विवेकानंद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण किया। इसके बाद 35-40 चारपहिया वाहनों की एक विशाल रैली निकाली गई, जिसने ब्यावरा नगर में आकर्षण का केंद्र बनकर सबका ध्यान खींचा। गौरतलब है कि भारी बारिश के बावजूद इस रैली में पत्रकारों का उत्साह देखने लायक था, जिसने उनकी एकजुटता और संघर्ष के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रतीक बन गई।
मान-सम्मान का सिलसिला- दिग्गजों ने किया पत्रकारों का सम्मान!
इस गरिमामय अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सोंधिया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जसवंत गुर्जर, भाजपा प्रांतीय कार्यसमिति सदस्य दिलवर यादव और नपाध्यक्ष/सांसद प्रतिनिधि पवन कुशवाह ने प्रदेश भर से आए पत्रकार साथियों को सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह पत्रकारों के अथक परिश्रम और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करने का एक माध्यम था।
पत्रकारिता जगत के दिग्गजों का जमावड़ा!
कार्यक्रम में बीएसपीएस के राष्ट्रीय सह-प्रवक्ता डॉ. कमल आलोक प्रसाद, प्रांतीय सचिव योगेश सक्सेना, प्रांतीय संगठन सचिव राहुल सक्सेना, हर्ष नायक, प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्याम निगम, उज्जैन संभाग अध्यक्ष अमजद खान, संभागीय अध्यक्ष राव भूपेंद्र, संभागीय सचिव नरेंद्र साहू, गुना जिलाध्यक्ष अंसार खान, लक्ष्मीकांत शाक्य हेमराज जाटव मनोजलाल अहीरवार, किशन कश्यप, गोलू सेन, चांचोडा ब्लॉक अध्यक्ष देवेश चित्रांशी, लटेरी ब्लॉक् अध्यक्ष प्रशांत कटियार सहित राजगढ़ जिले के और प्रदेश भर के अनेक पत्रकार साथी उपस्थित थे। यह विशाल उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकारिता के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पूरे प्रदेश के पत्रकार एकजुट हैं और अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं।
कुल मिलाकर, ब्यावरा में आयोजित यह पत्रकार महाकुंभ न केवल एक सफल कार्यक्रम था, बल्कि यह पत्रकारिता जगत के लिए एक नई दिशा और ऊर्जा का प्रतीक भी बन गया। "पत्रकार सुरक्षा कानून" की मांग, डिजिटल पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव और पत्रकारों की एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया कि मध्य प्रदेश के पत्रकार अपनी आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार पत्रकारों की इस बुलंद आवाज पर क्या प्रतिक्रिया देती है और कब तक "पत्रकार सुरक्षा कानून" को वास्तविकता में बदलती है।
कार्यक्रम का सफल संचालन एड पवन सक्सेना ने किया वही स्वागत भाषण प्रांतीय महासचिव महेंद्र शर्मा ने पढ़ा।
कार्यक्रम का आभार संभागीय अध्यक्ष राव भूपेंद्र सिंह ने किया।