
भोपाल – आखिरकार 2 साल से देश की तीन राज्यों की पुलिस को चकमा दे रहा ईरानी गैंग का कुख्यात सरगना राजू ईरानी, पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। इस शातिर अपराधी को भोपाल के अमन कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसमें भोपाल पुलिस की 80 जवानों की टीम ने ईरानी डेरा में छापा मारकर इसे दबोचा। पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर देशभर में करोड़ों की लूट को अंजाम देने वाला यह अपराधी अब तक 20 से ज्यादा मामलों में नामजद है।
फर्जी वर्दी, असली लूट: कैसे देता था ठगी को अंजाम?
राजू ईरानी का असली नाम आबिद अली है, लेकिन अपराध की दुनिया में यह राजू ईरानी के नाम से कुख्यात है। यह गिरोह इतना शातिर है कि इसके सदस्य पुलिस और सीबीआई अधिकारी की वर्दी पहनकर लोगों के घरों और दफ्तरों में घुस जाते थे। ये नकली अधिकारी अक्सर छापेमारी के बहाने या किसी केस की जांच के नाम पर घरों में प्रवेश करते और फिर गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे। इनके अपराध का तरीका इतना पेशेवर था कि कई बार पीड़ितों को लूटे जाने का अहसास भी तब होता था जब अपराधी वहां से जा चुके होते थे।
भोपाल से शुरू हुआ अपराध का सफर
राजू ईरानी का अपराध का सफर नया नहीं है। उसका पहला केस 2006 में भोपाल के निशातपुरा थाने में दर्ज हुआ था, तब से वह लगातार पुलिस की नजर में था, लेकिन कभी पकड़ा नहीं गया। उसकी बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के कारण महाराष्ट्र में उस पर MCOCA (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) भी लगाया गया था, जो गंभीर संगठित अपराधों के लिए इस्तेमाल होने वाला एक कड़ा कानून है। यह कानून इस बात का सबूत है कि राजू ईरानी का गैंग कितना खतरनाक और संगठित था।
फर्जी पासपोर्ट, राष्ट्रविरोधी गतिविधियां और अंतर्राष्ट्रीय साजिश
जांच के दौरान राजू ईरानी पर कुछ और चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। पुलिस को शक है कि वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए ईरान भागने की कोशिश में था। इतना ही नहीं, उस पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का भी गंभीर आरोप है, जिसकी वजह से उसकी गिरफ्तारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इन आरोपों के चलते अब मामले की जांच और भी गहनता से की जा रही है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है।
ईरानी डेरा में पुलिस की दस्तक: नागरिकता पर उठे सवाल
राजू ईरानी की गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा इलाके में एक बड़ा अभियान चलाया। 80 जवानों की टीम ने इस इलाके में छापा मारा, जहां राजू ईरानी और उसके परिवार के लोग रहते थे। इस दौरान पुलिस ने पाया कि इस डेरे में कई परिवार बिना किसी वैध दस्तावेज के रह रहे हैं। इन परिवारों की नागरिकता और भारत में उनके रहने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने सख्ती से चेतावनी दी है कि इस इलाके के लोग बाहरी और बिना वैध दस्तावेज वाले ईरानियों को अपने यहां शरण न दें। इस छापे ने न सिर्फ एक बड़े अपराधी को गिरफ्तार करने में मदद की, बल्कि इस इलाके में रहने वाले लोगों की पहचान को लेकर भी एक नई बहस छेड़ दी है।
यह गिरफ्तारी भोपाल पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है। इसने न सिर्फ एक कुख्यात अपराधी को जेल भेजा है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय ईरानी गैंग को भी एक बड़ा झटका दिया है। अब देखना यह है कि राजू ईरानी से पूछताछ में और कितने राज सामने आते हैं और इस गैंग के कितने अन्य सदस्य कानून के शिकंजे में आते हैं।