
नरसिंहपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ मध्य प्रदेश में चल रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच, नरसिंहपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को सहकारिता विभाग के एक निरीक्षक को ₹3,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई नरसिंहपुर स्थित सहकारिता कार्यालय परिसर में की गई, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
💰 वेतन के बदले मांगी थी 'सेवा शुल्क'
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सहकारिता निरीक्षक संजय दुबे के रूप में हुई है। दुबे पर आरोप है कि उन्होंने सिमरिया सहकारी समिति के प्रबंधक देवी प्रसाद तिवारी से उनके रुके हुए वेतन को जारी करने के एवज में ₹3,000 की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता देवी प्रसाद तिवारी ने इस भ्रष्टाचार से तंग आकर जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय का रुख किया। तिवारी ने लोकायुक्त टीम को बताया कि संजय दुबे लगातार उन्हें रिश्वत देने के लिए दबाव बना रहे थे, जिसके बिना उनका वेतन नहीं निकल पा रहा था।
🎯 लोकायुक्त का 'प्लान्ड ट्रैप' हुआ सफल
लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की गहनता से पुष्टि की। जैसे ही यह साफ हुआ कि निरीक्षक दुबे वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहे हैं, टीम ने एक सुनियोजित जाल (ट्रैप) बिछाने का फैसला किया।
इस पूरे ऑपरेशन को लोकायुक्त निरीक्षक शशिकला मरकाम के कुशल नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए पहले से ही केमिकल लगे हुए नोटों को शिकायतकर्ता देवी प्रसाद तिवारी को सौंप दिया। इन नोटों की खासियत यह होती है कि रिश्वतखोर जैसे ही इन्हें छूता है, उसके हाथ पर केमिकल का निशान आ जाता है, जो बाद में साबित होता है कि उसने ही नोट पकड़े थे।
योजना के अनुसार, तिवारी ने रिश्वत की रकम सहकारिता कार्यालय परिसर में आरोपी संजय दुबे को दी। जैसे ही निरीक्षक दुबे ने ₹3,000 की रकम अपने हाथ में ली, लोकायुक्त टीम ने बिजली की तेजी दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
🛑 हाथ धुलाने पर हुआ भंडाफोड़, मामला दर्ज
लोकायुक्त टीम ने तत्काल संजय दुबे के हाथ धुलवाए, और केमिकल ने अपना काम किया। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद आरोपी निरीक्षक पूरी तरह से निरुत्तर हो गया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी संजय दुबे के पास से रिश्वत की ₹3,000 की रकम बरामद कर ली है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद कार्यालय परिसर में मौजूद अन्य कर्मचारियों के बीच सन्नाटा पसर गया। कई कर्मचारी मौके से दूर होते दिखे, जबकि कुछ लोग दबी जुबान में लोकायुक्त की कार्रवाई की तारीफ कर रहे थे।
लोकायुक्त टीम ने आरोपी संजय दुबे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। टीम अब आरोपी से इस बात की गहन पूछताछ कर रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त रहा है और क्या इस मामले में कोई अन्य अधिकारी भी शामिल है।
नरसिंहपुर जिले में इस तरह की कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। लोकायुक्त डीएसपी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी टीम भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार काम करती रहेगी और किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।