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MP Politics: मैरिज एनिवर्सरी पर हेमंत कटारे का बड़ा धमाका! उपनेता प्रतिपक्ष पद से दिया इस्तीफा, खड़गे को लिखी मन की बात

2026-02-20  Amit raikwar  334 views

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भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। कांग्रेस के युवा तुर्क और अटेर से विधायक हेमंत कटारे ने विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष के पद से अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। दिलचस्प बात यह है कि कटारे ने यह बड़ा फैसला अपनी 'मैरिज एनिवर्सरी' के दिन लिया है, जिसके बाद गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।


विधानसभा सत्र के बीच अचानक क्यों लिया फैसला?
शुक्रवार शाम 4 बजे तक हेमंत कटारे विधानसभा की कार्यवाही में पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे थे। विपक्ष की रणनीति का हिस्सा बने कटारे के चेहरे पर इस्तीफे जैसा कोई भाव नहीं था। लेकिन शाम ढलते ही उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को अपना त्यागपत्र भेज दिया।
"परिवार और क्षेत्र को नहीं दे पा रहा समय"
हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफे में बेहद भावुक और निजी वजहों का हवाला दिया है। उन्होंने लिखा कि संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी, उसके लिए वह आभारी हैं, लेकिन इस बड़े पद के कारण वे अपने विधानसभा क्षेत्र 'अटेर' की जनता और अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे।


संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले ने पुष्टि की है कि हेमंत कटारे ने केवल पद छोड़ा है, पार्टी नहीं। वे कांग्रेस के एक निष्ठावान सिपाही के रूप में काम करते रहेंगे।


सियासी विरासत और 'अटेर' का किला
हेमंत कटारे मध्यप्रदेश के दिग्गज नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष दिवंगत सत्यदेव कटारे के सुपुत्र हैं। राजनीति उन्हें विरासत में मिली है, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान खुद बनाई है। 2023 के विधानसभा चुनाव में हेमंत ने भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को 20,228 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त देकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। उनके पिता भी 4 बार विधायक और प्रदेश के गृह मंत्री रह चुके हैं।


अब आगे क्या?
विधानसभा सत्र के बीच में उपनेता प्रतिपक्ष का इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए किसी झटके से कम नहीं है। अब गेंद कांग्रेस आलाकमान के पाले में है।


 क्या मल्लिकार्जुन खड़गे उनका इस्तीफा स्वीकार करेंगे?
क्या पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश करेगी?
या फिर इस खाली पद के लिए किसी नए चेहरे की तलाश शुरू होगी?
फिलहाल, भोपाल से लेकर दिल्ली तक इस इस्तीफे की गूंज सुनाई दे रही है। राजनीतिक पंडित इसे निजी कारणों के साथ-साथ आगामी रणनीतियों से जोड़कर भी देख रहे हैं।


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