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मध्यप्रदेश में सरकारी सिस्टम की बड़ी चूक! कहीं ₹0 आय, तो कहीं 'भिंड' ही बन गया इंसान का नाम

2025-08-01  Editor Shubham Jain  1,042 views

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आगर मालवा, मध्यप्रदेश - मध्यप्रदेश में सरकारी दस्तावेजों की गलतियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सतना के बाद अब आगर मालवा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी कामकाज पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक व्यक्ति की वार्षिक आय शून्य रुपए बताई गई है, जबकि प्रशासन ने आनन-फानन में गलती सुधारते हुए इसे ₹40,000 कर दिया है।

यह मामला आगर मालवा जिले की सोयत नगर परिषद का है, जहाँ केशर सिंह दांगी नामक व्यक्ति का आय प्रमाण पत्र दिसंबर 2024 में जारी हुआ था। लेकिन News18 की पड़ताल में सामने आया कि इस प्रमाण पत्र में उनकी वार्षिक आय ₹0 दर्ज थी। प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस गलती को कंप्यूटर ऑपरेटर की चूक बताया और नया प्रमाण पत्र जारी किया जिसमें उनकी सही आय ₹40,000 दर्शाई गई।

सतना और भिंड में भी ऐसी ही लापरवाही

यह अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

 * सतना का ₹0 आय प्रमाण पत्र: 7 अप्रैल 2025 को सतना में तहसीलदार द्वारा जारी एक आय प्रमाण पत्र में भी वार्षिक आय शून्य रुपए दर्शाई गई थी। जब यह मामला सामने आया, तो प्रशासन ने उस प्रमाण पत्र को तुरंत निरस्त कर दिया।

 * भिंड का अजीबोगरीब मृत्यु प्रमाण पत्र: भिंड जिले में तो लापरवाही की हद पार हो गई। 5 मई 2025 को जारी एक मृत्यु प्रमाण पत्र में मृतक का नाम, पिता का नाम और पता, तीनों ही 'भिंड' दर्ज कर दिए गए। इतना ही नहीं, मृत्यु की तारीख 8 नवंबर 2018 बताई गई, जो कि जारी होने की तारीख से काफी पहले की थी। इस गलती के सामने आने पर प्रशासन को यह प्रमाण पत्र भी निरस्त करना पड़ा।

सरकारी सिस्टम पर उठते सवाल

सरकारी दस्तावेजों में इस तरह की लगातार गलतियां, राजस्व विभाग और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। ये न केवल आम जनता को परेशान करती हैं, बल्कि सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता को भी कम करती हैं। ये गलतियाँ कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी बाधा डाल सकती हैं। इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि दस्तावेजों को जारी करने से पहले उचित जांच और सत्यापन की सख्त जरूरत है।


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