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मप्र सरकार दे रही देश में सबसे ज्यादा 2600 रुपए क्विंटल पर गेहूं का दाम, पंजाब-हरियाणा से भी आगे निकला प्रदेश

2025-04-24   624 views

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उपार्जन में पारदर्शिता और तेजी, किसानों को तुरंत भुगतान के निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने इस बार गेहूं उपार्जन में बड़ा दांव खेला है। पूरे देश में सबसे ज्यादा 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है, जिसमें 175 रुपए का बोनस भी शामिल है। सरकार का दावा है कि इस दर पर गेहूं खरीदने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

खास बात यह है कि इस बार किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के साथ-साथ गेहूं उपार्जन की पारदर्शिता को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।

हर बारदाने पर होगा क्यूआर कोड, वेयरहाउस में लगेगा सीसीटीवी

खाद्यान्न के रखरखाव और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। अब सभी बारदानों (बोरियों) पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे स्टॉक की ट्रैकिंग आसान होगी। इसके अलावा वेयरहाउस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और एक केंद्रीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर भोपाल में तैयार हो रहा है, जहां से पूरे सिस्टम पर नजर रखी जाएगी।

5 मई तक पूरा हो उपार्जन, कोई किसान न रह जाए पीछे

सरकार ने तय किया है कि गेहूं उपार्जन का काम हर हाल में 5 मई तक पूरा कर लिया जाए। इसके लिए 30 अप्रैल तक स्लॉट बुकिंग कराना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अब मक्का और कोदो-कुटकी भी आएंगे मुख्यधारा में

सरकार की योजना सिर्फ गेहूं तक सीमित नहीं है। मक्का, कोदो-कुटकी जैसे श्रीअन्न को भी शासकीय दुकानों और स्व-सहायता समूहों को देने की योजना बनाई गई है, ताकि इनकी खपत बढ़े और छोटे किसानों को बेहतर बाजार मिल सके।

राशन वितरण सिस्टम होगा फुलप्रूफ

सभी राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरी कराने का आदेश दिया गया है। सरकार का फोकस इस बार यह सुनिश्चित करने पर है कि कोई भी पात्र लाभार्थी राशन से वंचित न रहे। फूड स्टॉकिंग से लेकर उज्ज्वला योजना तक हर योजना की मॉनिटरिंग टॉप लेवल पर होगी।


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