
स्वाति श्रीवास्तव विदिशा जिले के ग्यारसपुर क्षेत्र में बसे बरवाई गांव के घने जंगलों में स्थित प्राचीन वन देवी मंदिर में इस बार की रंगपंचमी बेहद खास रही। यहां माता जानकी की पावन प्रतिमा विराजमान है, और श्रद्धालु इसे श्रद्धा से "मिनी करीला धाम" कहते हैं।
हर साल की तरह इस बार भी मंदिर प्रांगण में भव्य राई नृत्य का आयोजन हुआ, जिसमें 11 नृत्यांगनाओं ने अपनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति दी। यह नृत्य पूरी रात चलने वाला था, इसलिए सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
आधी रात के बाद बदला माहौल, अंधेरे में मची अफरातफरी
रंगपंचमी की इस भव्य रात का उत्साह तब फीका पड़ गया, जब आधी रात के बाद अचानक बिजली गुल हो गई। अंधेरे का फायदा उठाते हुए कुछ शरारती तत्वों ने दर्शकों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे हड़कंप मच गया। श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई श्रद्धालु इस हमले में घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख लोग पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने न तो उपद्रवियों को पकड़ने की कोशिश की, न ही कोई सख्त कदम उठाया।
शिकायत करने गए तो पुलिस ने दिखाया रवैया
घटना के बाद विदिशा निवासी विजय शर्मा ने जब शिकायत दर्ज करानी चाही, तो ASI रघुवीर सिंह राय ने उनकी शिकायत सुनने के बजाय अभद्रता कर दी। इससे स्थानीय लोगों में रोष और बढ़ गया।
अब गांव के लोग प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सवाल ये उठता है कि जब हर साल यह आयोजन होता है, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए जाते? श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ कब तक चलेगा?
संबंध में हैदरगढ़ थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन लेकर उपरोक्त मामले में नियम अनुसार उचित कार्यवाही की जाएगी